भाषा विश्वविद्यालय में ‘कंटेंट क्रिएटर वर्कशॉप’ का आयोजन, तकनीक और रचनात्मकता पर जोर
लखनऊ, 17 मार्च 2026। ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा ‘कैनन इंडिया’ के सहयोग से एक दिवसीय ‘कंटेंट...

लखनऊ, 17 मार्च 2026। ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा ‘कैनन इंडिया’ के सहयोग से एक दिवसीय ‘कंटेंट...
लखनऊ, 17 मार्च 2026। ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा ‘कैनन इंडिया’ के सहयोग से एक दिवसीय ‘कंटेंट क्रिएटर वर्कशॉप’ का आयोजन किया गया। गणेश शंकर विद्यार्थी अध्ययन केंद्र में आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक कैमरा तकनीक, डिजिटल स्टोरीटेलिंग और विजुअल कम्युनिकेशन के व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ विभाग प्रभारी डॉ. रुचिता सुजय चौधरी ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज का दौर डिजिटल मीडिया का है, जहाँ कंटेंट निर्माण में तकनीकी दक्षता, रचनात्मकता और सामाजिक संवेदनशीलता का समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि व्यावहारिक कौशल विकसित कर पेशेवर दुनिया की चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार करें। साथ ही उन्होंने कैनन इंडिया की इस पहल के लिए धन्यवाद दिया।
कार्यशाला के मुख्य वक्ता कैनन लखनऊ के तकनीकी विशेषज्ञ श्री अमित सक्सेना रहे। उन्होंने कैमरा तकनीक में हो रहे बदलावों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मिररलेस कैमरे फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी का भविष्य हैं, जो पारंपरिक कैमरों की तुलना में अधिक उन्नत, हल्के और प्रभावी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि एक सफल कंटेंट क्रिएटर बनने के लिए केवल उपकरण ही नहीं, बल्कि सशक्त विजन, स्टोरीटेलिंग स्किल, सही लेंस चयन, लाइटिंग और फ्रेमिंग का ज्ञान भी आवश्यक है।
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिसमें उन्होंने कैमरों के साथ कार्य करते हुए तकनीकी पहलुओं को समझा। सत्र के अंतर्गत विद्यार्थियों को एक लाइव असाइनमेंट भी दिया गया, जिसमें उन्होंने अपनी रचनात्मकता और कौशल का प्रदर्शन किया।
इस कार्यशाला में पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के साथ-साथ बीसीए, एमसीए एवं बीए के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो डिजिटल कंटेंट निर्माण के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाता है।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर डॉ. सैयद काजिम असगर रिज़वी ने मुख्य वक्ता श्री अमित सक्सेना को सम्मानित करते हुए उनके योगदान के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ. शचिंद्र शेखर, डॉ. मोहम्मद नसीब, डॉ. विनय कुमार, जसदीप, वंश एवं वंशिका सहित अन्य शिक्षक एवं शोधार्थी उपस्थित रहे।





