भाषा विश्वविद्यालय में “ड्रिलबिट पर प्रशिक्षण” कार्यक्रम का सफल आयोजन

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भाषा विश्वविद्यालय में “ड्रिलबिट पर प्रशिक्षण” कार्यक्रम का सफल आयोजन
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ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ में दिनांक 25 मार्च 2026 को “ड्रिलबिट पर प्रशिक्षण” विषयक एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) एवं INFLIBNET कॉर्नर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शोधार्थियों एवं शिक्षकों को ड्रिलबिट जैसे आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग से परिचित कराना तथा शिक्षा के क्षेत्र में तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहित करना था। इस अवसर पर माननीय राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी की प्रेरणा तथा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय तनेजा जी के संरक्षण में इस प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।

प्रशिक्षण सत्र में श्री आकाश जी ने लाइव डेमो के माध्यम से प्रतिभागियों को प्लेटफॉर्म के उपयोग की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की, जिससे उन्हें तकनीकी प्रक्रियाओं को समझने में सहजता हुई। कार्यक्रम के संयोजक श्री सौबान सईद, समन्वयक डॉ. सैयद असगर हुसैन रिज़वी एवं श्री कार्तिकेय प्रकाश ने प्रतिभागियों का प्रभावी मार्गदर्शन किया।

प्रशिक्षण के दौरान ड्रिलबिट के विभिन्न फीचर्स, उपयोग की प्रक्रिया तथा शैक्षणिक एवं शोध कार्यों में इसकी उपयोगिता पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।

इस प्रशिक्षण से प्राप्त होने वाले प्रमुख लाभ:

* शोध कार्यों में प्लेज़रिज़्म (सामग्री की मौलिकता)* की जांच सरल एवं सटीक रूप से संभव होगी।

* शोधार्थी अपनी सामग्री की गुणवत्ता को बेहतर बना सकेंगे और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप शोध प्रस्तुत कर पाएंगे।

* शिक्षकों को विद्यार्थियों के असाइनमेंट एवं शोध कार्यों का मूल्यांकन अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से करने में सहायता मिलेगी।

* डिजिटल अकादमिक ईमानदारी (Academic Integrity) को बढ़ावा मिलेगा।

* विश्वविद्यालय में तकनीक-आधारित शिक्षण एवं शोध संस्कृति को सुदृढ़ किया जा सकेगा।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के अनेक शिक्षक एवं शोधार्थी उपस्थित रहे, जिनमें प्रो. चन्दना डे, डॉ. नीरज शुक्ल, डॉ. आर. के. त्रिपाठी तथा डॉ. दुआ नक़वी प्रमुख रूप से सम्मिलित थे।

प्रतिभागियों ने इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताते हुए भविष्य में इस प्रकार के कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।

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