भाषा विवि में हुआ विशाखा गाइडलाइंस पर जागरूकता कार्यशाला का आयोजन
ख्ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ के गृह विज्ञान विभाग द्वारा 'विशाखा गाइडलाइंस जागरूकता अभियान' के अंतर्गत "कार्यस्थल पर महिलाओं का...

ख्ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ के गृह विज्ञान विभाग द्वारा 'विशाखा गाइडलाइंस जागरूकता अभियान' के अंतर्गत "कार्यस्थल पर महिलाओं का...
ख्ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ के गृह विज्ञान विभाग द्वारा 'विशाखा गाइडलाइंस जागरूकता अभियान' के अंतर्गत "कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न: रोकथाम और सुरक्षित वातावरण को बढ़ावा" विषय पर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। हाइब्रिड मोड में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में चंद्र शेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर की विशेषज्ञ डॉ. मुक्ता गर्ग ने अपने संबोधन में विशाखा गाइडलाइंस की कानूनी बारीकियों और कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले विभिन्न प्रावधानों पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जागरूकता ही सुरक्षा की पहली सीढ़ी है और महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहना चाहिए।
कार्यशाला का सफल संचालन विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. अजय तनेजा के संरक्षण तथा प्रोफेसर तत्हीर फ़ात्मा के कुशल निर्देशन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति (ICC) के सदस्य— डॉ. नीरज शुक्ला, डॉ. दुआ नकवी और श्री शबीह हैदर ने भी सक्रिय भूमिका निभाते हुए अपने विचार साँझा किए। समिति के सदस्यों ने विश्वविद्यालय परिसर और कार्यस्थलों पर महिलाओं के लिए एक भयमुक्त व सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। समिति के सदस्यों ने उपस्थित छात्र-छात्राओं को शिकायत दर्ज करने की आधिकारिक प्रक्रिया और पीड़ित की सहायता के लिए विस्तार से जानकारी दी।
हाइब्रिड मोड में होने के कारण इस कार्यशाला में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने डिजिटल माध्यम से भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में डॉ. कल्पना देवी, डॉ. कीर्तिमा सचान एवं डॉ. अंजलि सिंह ने विशेष योगदान दिया।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को कार्यस्थल पर महिलाओं के सम्मान, गरिमा और सुरक्षा को बनाए रखने की सामूहिक शपथ दिलाई गई। यह आयोजन महिला सशक्तिकरण और सुरक्षित कार्य-संस्कृति के निर्माण की दिशा में एक सार्थक प्रयास सिद्ध होगा। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गान से हुआ।





