*ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में गणित संगोष्ठी का सफल आयोजन*
ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संकाय में आज “रामानुजन परिघटना: आधुनिक गणित में अंतर्ज्ञान एक विधि के रूप...

ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संकाय में आज “रामानुजन परिघटना: आधुनिक गणित में अंतर्ज्ञान एक विधि के रूप...
ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संकाय में आज “रामानुजन परिघटना: आधुनिक गणित में अंतर्ज्ञान एक विधि के रूप में” विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति, मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) संजय मिश्रा, विशिष्ट वक्ता श्री सुजीत कुमार सिंह, निदेशक डॉ. राजेंद्र कुमार त्रिपाठी सहित संकाय के प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके उपरांत अतिथियों का शॉल एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया। स्वागत भाषण देते हुए निदेशक डॉ. राजेंद्र कुमार त्रिपाठी ने संगोष्ठी के विषय की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्रीनिवास रामानुजन का गणितीय चिंतन आज भी आधुनिक गणित के लिए प्रेरणास्रोत है।
विशिष्ट वक्ता श्री सुजीत कुमार सिंह ने अपने व्याख्यान में रामानुजन के गणितीय योगदान—विशेषकर अनंत श्रेणियों, संख्या सिद्धांत तथा मॉक थीटा फलनों—पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि अंतर्ज्ञान गणितीय खोज की एक महत्वपूर्ण विधि के रूप में कार्य करता है।
मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) संजय मिश्रा ने अपने संबोधन में रामानुजन के कार्यों की वैश्विक प्रासंगिकता को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को शोध एवं नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. बलराम प्रजापति द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया, जिसमें उन्होंने सभी अतिथियों, आयोजकों, प्राध्यापकगण एवं छात्र-छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
यह संगोष्ठी विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुई।





