आईपीआर एवं पेटेंट डिज़ाइन फाइलिंग विषयक कार्यशाला का सफल आयोजन
लखनऊ, 18 अप्रैल 2026 : व्यवसाय प्रशासन विभाग द्वारा अवध इन्क्यूबेशन फाउंडेशन के सहयोग से ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ के अटल हॉल...

लखनऊ, 18 अप्रैल 2026 : व्यवसाय प्रशासन विभाग द्वारा अवध इन्क्यूबेशन फाउंडेशन के सहयोग से ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ के अटल हॉल...
लखनऊ, 18 अप्रैल 2026 : व्यवसाय प्रशासन विभाग द्वारा अवध इन्क्यूबेशन फाउंडेशन के सहयोग से ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ के अटल हॉल में “IPRs एवं पेटेंट डिज़ाइन फाइलिंग” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों को बौद्धिक संपदा अधिकार (IPRs) के महत्व तथा पेटेंट फाइलिंग की प्रक्रिया के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली।
कार्यक्रम के संयोजक प्रो. सैयद हैदर अली, संकायाध्यक्ष, वाणिज्य संकाय ने अपने संबोधन में वर्तमान ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था में बौद्धिक संपदा संरक्षण की आवश्यकता एवं प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षकों दोआ नक़वी, डॉ. ज़ैबुन निसा, डॉ. मनीष कुमार, डॉ. सुषमा मौर्य, डॉ. अनामिका सिंह, डॉ. माधुरी चौहान एवं श्री सय्यद तौसीफ अहमद की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का सफल संचालन एवं समन्वयन डॉ. हिनादी अकबर द्वारा किया गया, जिनके कुशल प्रयासों से कार्यशाला सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
कार्यशाला के मुख्य वक्ता श्री ज़फर अहमद, संस्थापक, सिल्वर लाइनिंग आईपी रहे। उन्होंने अपने व्याख्यान में पेटेंट, कॉपीराइट एवं ट्रेडमार्क जैसे विभिन्न बौद्धिक संपदा अधिकारों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। साथ ही, उन्होंने पेटेंट फाइलिंग की चरणबद्ध प्रक्रिया को सरल एवं व्यावहारिक रूप में समझाया तथा नवाचारकर्ताओं द्वारा सामना की जाने वाली सामान्य चुनौतियों पर भी विस्तार से चर्चा की। उनके व्यावहारिक उदाहरणों एवं अनुभवों ने प्रतिभागियों की समझ को और अधिक सुदृढ़ किया।
कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने अपने जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। सभी प्रतिभागियों को ई-प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। यह कार्यशाला अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी एवं उपयोगी सिद्ध हुई, जिसने प्रतिभागियों को अपने नवाचारों की सुरक्षा तथा अनुसंधान एवं उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।





