प्रधानमंत्री की अपील पर भाषा विश्वविद्यालय की त्वरित पहल, ऊर्जा एवं ईंधन बचत के लिए जारी किए गए निर्देश
वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों एवं विभिन्न देशों के बीच जारी तनाव के कारण उत्पन्न हालातों को देखते हुए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा...

वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों एवं विभिन्न देशों के बीच जारी तनाव के कारण उत्पन्न हालातों को देखते हुए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा...
वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों एवं विभिन्न देशों के बीच जारी तनाव के कारण उत्पन्न हालातों को देखते हुए माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा देशवासियों से पेट्रोल-डीजल, बिजली एवं अन्य ऊर्जा संसाधनों के संयमित उपयोग की अपील की गई है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा भी इस दिशा में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
इन निर्देशों को गंभीरता से लेते हुए ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ के माननीय कुलपति प्रोफेसर अजय तनेजा ने तत्काल प्रभाव से विश्वविद्यालय स्तर पर ठोस कदम उठाए हैं। उनके निर्देशन में विश्वविद्यालय प्रशासन ने संकाय सदस्यों, कर्मचारियों एवं समस्त स्टाफ के लिए तीन महत्वपूर्ण श्रेणियों में निर्देश जारी किए हैं, जिनका उद्देश्य ऊर्जा संरक्षण, ईंधन की बचत एवं संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करना है।
प्रमुख निर्देश इस प्रकार हैं:
1. विद्युत बचत संबंधी निर्देश:
* विद्युत उपकरणों का न्यूनतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
* कार्यालय छोड़ते समय सभी स्विच बंद किए जाएं।
* एसी का तापमान 25–26 डिग्री पर रखा जाए।
* लिफ्ट के स्थान पर सीढ़ियों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाए।
2. ईंधन बचत हेतु परिवहन संबंधी निर्देश:
* कार पूलिंग एवं टू-व्हीलर पूलिंग को अपनाया जाए।
* यथासंभव सार्वजनिक परिवहन का उपयोग किया जाए।
* साइकिल एवं ई-रिक्शा जैसे वैकल्पिक साधनों को बढ़ावा दिया जाए।
3. यात्रा एवं संसाधन उपयोग संबंधी निर्देश:
* अनावश्यक यात्रा से बचा जाए।
* विदेश यात्राओं को सीमित किया जाए।
* आवश्यक यात्रा के दौरान निजी वाहनों के बजाय ट्रेन जैसे सार्वजनिक साधनों को प्राथमिकता दी जाए।
माननीय कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने स्वयं भी इन निर्देशों का पालन करते हुए एक उदाहरण प्रस्तुत किया है और सभी से अपील की है कि राष्ट्रहित में ऊर्जा संरक्षण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इन छोटे-छोटे प्रयासों से न केवल पेट्रोल-डीजल एवं बिजली की बचत होगी, बल्कि देश की आर्थिक मजबूती एवं सतत विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।





