पांच वर्षों में गढ़ी उत्कृष्टता की नई पहचान, महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय ने मनाया स्थापना दिवस
'जीवन में ऐसा कोई कार्य नहीं, जिसमें बाधाएं न आती हों' — प्रो. संजीव कुमार'घर-घर शिक्षा, घर-घर दीक्षा का लक्ष्य सामूहिक प्रयासों से ही होगा साकार' —...

'जीवन में ऐसा कोई कार्य नहीं, जिसमें बाधाएं न आती हों' — प्रो. संजीव कुमार'घर-घर शिक्षा, घर-घर दीक्षा का लक्ष्य सामूहिक प्रयासों से ही होगा साकार' —...
'जीवन में ऐसा कोई कार्य नहीं, जिसमें बाधाएं न आती हों' — प्रो. संजीव कुमार
'घर-घर शिक्षा, घर-घर दीक्षा का लक्ष्य सामूहिक प्रयासों से ही होगा साकार' — प्रो. उमा श्रीवास्तव
आजमगढ़, 15 जून। उच्च शिक्षा, शोध, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में निरंतर नए आयाम स्थापित कर रहे महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय ने सोमवार को अपना पांचवां स्थापना दिवस पूरे उत्साह, गरिमा और आत्मविश्वास के साथ मनाया। विश्वविद्यालय परिसर स्थित न्यू फैसिलिटी सेंटर में आयोजित समारोह में शिक्षाविदों, प्राचार्यों, शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय की पांच वर्ष की उपलब्धियों का उत्सव मनाते हुए भविष्य के लिए नए संकल्प लिए।
समारोह की मुख्य अतिथि काशी नरेश राजकीय विश्वविद्यालय, भदोही की कुलपति एवं प्रख्यात शिक्षाविद प्रो. उमा श्रीवास्तव रहीं, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि, कुलपति एवं अधिकारियों द्वारा वृक्षारोपण से हुआ। इसके पश्चात अतिथियों ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों को प्रदर्शित करती फोटो गैलरी और पुस्तक प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ समारोह का औपचारिक उद्घाटन हुआ। विश्वविद्यालय की छात्राओं ने सरस्वती वंदना और कुलगीत की प्रस्तुति देकर उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर आधारित विशेष डॉक्यूमेंट्री का भी प्रदर्शन किया गया, जिसमें अल्प अवधि में विश्वविद्यालय द्वारा अर्जित शैक्षणिक, शोध, खेल एवं नवाचार संबंधी उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया।
विश्वविद्यालय परिवार की प्रगति में सभी का योगदान आवश्यक : कुलसचिव
स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए कुलसचिव अमृत लाल ने कहा कि स्थापना दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि आत्ममंथन और भविष्य के संकल्पों का भी दिवस है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने पांच वर्षों की अल्प अवधि में जिन उपलब्धियों को अर्जित किया है, वे सामूहिक परिश्रम, अनुशासन और संस्थान के प्रति समर्पण का परिणाम हैं। उन्होंने मुख्य अतिथि प्रो. उमा श्रीवास्तव का स्वागत करते हुए कहा कि उनके अनुभव और मार्गदर्शन से विश्वविद्यालय परिवार को नई प्रेरणा प्राप्त होगी। उन्होंने शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों से विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित संस्थान बनाने के लिए निरंतर सहयोग देने का आह्वान किया।
विश्वविद्यालय क्षेत्रीय विकास का सबसे बड़ा आधार : प्रो. उमा श्रीवास्तव
मुख्य अतिथि काशी नरेश विश्वविद्यालय, भदोही की कुलपति प्रो. उमा श्रीवास्तव ने कहा कि किसी भी जनपद और क्षेत्र की वास्तविक प्रगति का आकलन उसके शैक्षणिक संस्थानों से किया जाता है। विश्वविद्यालय केवल डिग्री प्रदान करने वाले संस्थान नहीं होते, बल्कि वे समाज के बौद्धिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विकास के केंद्र होते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का ‘घर-घर शिक्षा, घर-घर दीक्षा’ का लक्ष्य तभी साकार होगा, जब विश्वविद्यालय समाज के प्रत्येक वर्ग तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने का कार्य करेंगे।नई शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें कौशल विकास, नवाचार और रोजगारपरक शिक्षा पर विशेष बल दिया गया है, जिससे युवाओं को आत्मनिर्भर बनने में सहायता मिलेगी। विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि जीवन में बड़ी उपलब्धियां प्राप्त करने के लिए बड़े लक्ष्य निर्धारित करने होंगे और उन लक्ष्यों को पाने के लिए कठिन परिश्रम एवं तपस्या का मार्ग अपनाना होगा।
उन्होंने कहा कि महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय ने बहुत कम समय में जिस प्रकार शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, खेलकूद और सामाजिक गतिविधियों के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है, वह अत्यंत प्रशंसनीय है। उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए भविष्य में और अधिक ऊंचाइयों को प्राप्त करने की शुभकामनाएं दीं।
चुनौतियां ही सफलता की राह बनाती हैं : कुलपति
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने विश्वविद्यालय परिवार को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जीवन में ऐसा कोई कार्य नहीं है, जिसमें बाधाएं न आती हों। चुनौतियां और कठिनाइयां ही व्यक्ति तथा संस्थान को मजबूत बनाती हैं। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों की यात्रा संघर्ष, परिश्रम और उपलब्धियों की यात्रा रही है, जिसमें विश्वविद्यालय परिवार के प्रत्येक सदस्य का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दो दिन पूर्व आयोजित कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि कार्यक्रम के उपरांत परिसर में स्वच्छता की बड़ी चुनौती थी, लेकिन विश्वविद्यालय के कर्मचारियों, अधिकारियों और विद्यार्थियों ने सामूहिक प्रयासों से कुछ ही घंटों में पूरे परिसर को व्यवस्थित और स्वच्छ बना दिया। यह विश्वविद्यालय परिवार की कार्य संस्कृति और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण है।
कुलपति ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि विश्वविद्यालय परिसर को हरित और पर्यावरणीय दृष्टि से समृद्ध बनाने का अभियान निरंतर जारी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अधिकाधिक वृक्षारोपण करने का आह्वान करते हुए कहा कि जब आने वाले वर्षों में वे पुनः परिसर में आएंगे और अपने लगाए हुए वृक्षों को विकसित होते देखेंगे, तो उन्हें आत्मिक संतोष और गर्व की अनुभूति होगी।उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की उपलब्धियों का श्रेय केवल प्रशासन को नहीं, बल्कि शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और क्षेत्रीय समाज के सामूहिक सहयोग को जाता है। उन्होंने विशेष रूप से जनपदवासियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय को समाज से निरंतर स्नेह और समर्थन मिलता रहा है, जिसके बल पर वह नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है।इस अवसर पर महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय और काशी नरेश राजकीय विश्वविद्यालय, भदोही के मध्य शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देने हेतु एक महत्वपूर्ण समझौते (एमओयू) को भी औपचारिक रूप दिया गया।
विश्वविद्यालय की उपलब्धियों को आगे बढ़ाने का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में परीक्षा नियंत्रक आनंद कुमार मौर्य ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए मुख्य अतिथि, कुलपति, प्राचार्यों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि स्थापना दिवस केवल उपलब्धियों का उत्सव नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के संकल्प का अवसर भी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कुलपति प्रो. संजीव कुमार के नेतृत्व में विश्वविद्यालय भविष्य में भी शिक्षा, शोध, नवाचार और गुणवत्ता के नए मानदंड स्थापित करता रहेगा।
उन्होंने समारोह की सफलता के लिए विश्वविद्यालय स्थापना दिवस समिति के सभी सदस्यों के सहयोग, प्रशासनिक अधिकारियों, मीडिया प्रकोष्ठ, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से यह कार्यक्रम यादगार बना है। उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार से भविष्य में भी इसी समर्पण और उत्साह के साथ संस्थान के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. निधि सिंह ने किया। समारोह में प्राचार्य संघ के अध्यक्ष प्रो. विजय राय, मंत्री प्रो. संत कुमार, प्रो. अभिमन्यु, प्रो. सुचिता श्रीवास्तव, प्रो. निर्मला सिंह, प्रो. ऋषिकेश सिंह, प्रो. प्रशांत राय, डीन प्रो. देवेंद्र सिंह, प्रो. अजीत राय,प्रो.सुजीत कुमार श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। राष्ट्रगान एवं सामूहिक छायाचित्र के साथ समारोह का समापन हुआ।





