ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध, पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम पहल

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ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध, पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम पहल
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ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ ने पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सराहनीय कदम उठाते हुए विश्वविद्यालय परिसर में सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया है। यह निर्णय माननीय राज्यपाल एवं कुलाधिपति महोदया की अपेक्षाओं के अनुरूप लिया गया है।

विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी कार्यालय-ज्ञापन के अनुसार, अब परिसर के सभी भवनों, छात्रावासों तथा अन्य इकाइयों में प्लास्टिक की बोतलें, कप, प्लेट, चम्मच, पॉलीथीन बैग आदि के उपयोग पर पूर्णतः रोक रहेगी। इसके स्थान पर मिट्टी, कागज, पत्तों से बने उत्पाद, कपड़े के थैले तथा कांच/स्टील के बर्तनों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा।

इस संबंध में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने कहा कि, “पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। विश्वविद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र ही नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का भी वाहक है। सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाकर हम न केवल स्वच्छ और हरित परिसर की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, बल्कि विद्यार्थियों और समाज को भी जागरूक करने का कार्य कर रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि विश्वविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों—शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं कैंटीन संचालकों—से अपेक्षा की जाती है कि वे इस निर्णय का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें और इसे एक जन-आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाएं।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी संकायाध्यक्षों, विभागाध्यक्षों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे इस निर्णय की जानकारी व्यापक रूप से प्रसारित करें तथा इसके प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करें।

यह पहल न केवल विश्वविद्यालय को एक पर्यावरण-अनुकूल परिसर के रूप में स्थापित करेगी, बल्कि समाज में भी सकारात्मक संदेश प्रसारित करेगी।

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