सीएसजेएमयू को मिला स्वयम्-एनपीटीईएल एप्रिसिएशन अवॉर्ड
कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय ने डिजिटल एवं तकनीक- सहायित उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक बार फिर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।...
कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय ने डिजिटल एवं तकनीक- सहायित उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक बार फिर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।...
कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय ने डिजिटल एवं तकनीक- सहायित उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक बार फिर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय को स्वयम्- एनपीटीईएल पहल के अंतर्गत इस वर्ष भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए एप्रिसिएशन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। विशेष उपलब्धि यह रही कि उत्तर प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में सीएसजेएमयू का प्रदर्शन सर्वोच्च रहा। इस श्रेणी में अवध विश्वविद्यालय और गोरखपुर विश्वविद्यालय नए प्रवेशी संस्थानों के रूप में शामिल रहे।
यह सम्मान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर द्वारा आयोजित एनपीटीईएल कार्यक्रम के दौरान प्रदान किया गया। सीएसजेएमयू की ओर से स्वयम्-एनपीटीईएल की नोडल अधिकारी एवं एसपीओसी डॉ. अंशु सिंह ने यह पुरस्कार प्राप्त किया। विश्वविद्यालय ने स्वयम् प्लेटफॉर्म में सक्रिय भागीदारी के माध्यम से अपने डिजिटल लर्निंग इकोसिस्टम को और अधिक सुदृढ़ किया। जनवरी 2025 सत्र में परिसर और संबद्ध महाविद्यालयों के 9400 विद्यार्थियों ने नामांकन कराया, जबकि जुलाई 2025 सत्र में 6971 विद्यार्थियों ने स्वयम् पाठ्यक्रमों में भागीदारी की। जनवरी 2026 सत्र में विद्यार्थियों ने 1064 स्वयम् पाठ्यक्रमों में नामांकन किया, जिससे 5406 यूनिक लर्नर्स से कुल 7622 कोर्स एनरोलमेंट दर्ज किए गए।
विश्वविद्यालय के लिए यह वर्ष विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा, क्योंकि एनपीटीईएल योजनाओं के अंतर्गत सीएसजेएमयू के चार विद्यार्थियों को इंटर्नशिप प्राप्त हुई। इनमें से दो विद्यार्थियों का चयन एनपीटीईएल समर इंटर्नशिप के लिए आईआईटी संस्थानों में हुआ, जिनमें एक विद्यार्थी स्कूल ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज़ और एक विद्यार्थी एमसीए कार्यक्रम से रहा। यह उपलब्धि विद्यार्थियों की अकादमिक क्षमता, डिजिटल अधिगम में सक्रिय सहभागिता और राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती पहचान को दर्शाती है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस सम्मान को शिक्षकों, विद्यार्थियों, समन्वयकों और संबद्ध महाविद्यालयों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया। स्वयम्-एनपीटीईएल के माध्यम से विद्यार्थियों को देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों से गुणवत्तापूर्ण ऑनलाइन शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है। इससे उनके विषयगत ज्ञान, कौशल विकास और रोजगारपरक क्षमता को नई दिशा मिली है।
इस उपलब्धि पर एसपीओसी डॉ. अंशु सिंह ने कहा कि यह सम्मान सीएसजेएमयू की डिजिटल शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को और अधिक सुदृढ़ करता है तथा आने वाले समय में विश्वविद्यालय स्वयम्-एनपीटीईएल पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने, अधिक महाविद्यालयों को जोड़ने और ऑनलाइन अधिगम को उच्च शिक्षा की मुख्यधारा से प्रभावी रूप से जोड़ने की दिशा में निरंतर कार्य करेगा।





