एमएसडीयू ने ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ को दिया जनआंदोलन का स्वरूप
संबद्ध महाविद्यालयों में 15 दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम होंगे आयोजित, पोर्टल पर पंजीकरण के निर्देशआजमगढ़, 28 जुलाई। महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय...

संबद्ध महाविद्यालयों में 15 दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम होंगे आयोजित, पोर्टल पर पंजीकरण के निर्देशआजमगढ़, 28 जुलाई। महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय...
संबद्ध महाविद्यालयों में 15 दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम होंगे आयोजित, पोर्टल पर पंजीकरण के निर्देश
आजमगढ़, 28 जुलाई। महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय (एमएसडीयू), आजमगढ़ ने ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ को व्यापक जनभागीदारी के साथ सफल बनाने के लिए विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी राजकीय,अनुदानित एवं स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कुलसचिव द्वारा जारी आदेश में भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों के अनुरूप 25 जुलाई से 8 अगस्त 2026 तक विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जारी निर्देशों के अनुसार सभी महाविद्यालयों को ‘मेरा भारत’ पोर्टल पर एक सप्ताह के भीतर अपना पंजीकरण सुनिश्चित करना होगा तथा इसकी सूचना विश्वविद्यालय को उपलब्ध करानी होगी। अभियान के अंतर्गत भाषण प्रतियोगिता, निबंध लेखन, नुक्कड़ नाटक, पोस्टर एवं स्लोगन प्रतियोगिता, वेबिनार, विशेषज्ञ व्याख्यान, योग एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम, स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण तथा सामूहिक शपथ जैसे विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
अभियान के तहत विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों में पांच किलोमीटर पैदल मार्च एवं जनजागरूकता रैली आयोजित की जाएगी। साथ ही छात्रों की सहभागिता से स्लोगन लेखन, खेलकूद प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा नशे के दुष्प्रभावों पर आधारित जागरूकता गतिविधियां भी संचालित होंगी। विश्वविद्यालय ने महाविद्यालयों में ‘नशा मुक्त परिसर’ की अवधारणा को साकार करने के लिए एक दिवसीय स्वच्छता अभियान तथा निगरानी एवं क्रियान्वयन समिति गठित करने के भी निर्देश दिए हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी संकायों, विभागों एवं संबद्ध संस्थानों से अपेक्षा की है कि वे शासन द्वारा निर्धारित कार्यक्रमों का गंभीरता एवं रचनात्मकता के साथ आयोजन करते हुए उनकी फोटो, वीडियो एवं अन्य आवश्यक सूचनाएं समय-समय पर विश्वविद्यालय को उपलब्ध कराएं, ताकि अभियान की प्रगति का प्रभावी मूल्यांकन किया जा सके।विश्वविद्यालय का उद्देश्य युवाओं में नशे के प्रति जागरूकता बढ़ाना, स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना तथा समाज में नशा मुक्त वातावरण के निर्माण में शिक्षण संस्थानों की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करना है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी महाविद्यालयों से अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने में सक्रिय सहयोग की अपील की है।





