भाषा विश्वविद्यालय में ‘विश्व स्तनपान सप्ताह’ पर जागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित

  • whatsapp
  • Telegram
भाषा विश्वविद्यालय में ‘विश्व स्तनपान सप्ताह’ पर जागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित
X


ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान विभाग द्वारा 1 से 7 अगस्त 2026 तक ‘विश्व स्तनपान सप्ताह’ के अवसर पर विविध जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष की वैश्विक थीम “Breastfeeding for a Sustainable Start in Life: Strengthen What Works” (जीवन की टिकाऊ शुरुआत के लिए स्तनपान: कारगर उपायों को सुदृढ़ करें) है। सप्ताह भर आयोजित कार्यक्रमों का उद्देश्य स्तनपान के महत्व, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण तथा समाज में जागरूकता को बढ़ावा देना है।

यह आयोजन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय तनेजा के संरक्षण एवं गृह विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. तत्हीर फात्मा के मार्गदर्शन में संपन्न हो रहा है। विभागाध्यक्ष के निर्देशन में सप्ताह भर के कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई, जिसके अंतर्गत विद्यार्थियों की रचनात्मक एवं बौद्धिक सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं व्याख्यानों का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों की शुरुआत 3 अगस्त को स्लोगन लेखन प्रतियोगिता से हुई, जिसमें विद्यार्थियों ने स्तनपान, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा संतुलित पोषण पर प्रभावशाली एवं प्रेरक संदेश प्रस्तुत किए। इसके पश्चात 4 अगस्त को ‘स्तनपान का महत्व’ विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें प्रतिभागियों ने स्तनपान के वैज्ञानिक, सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी पहलुओं पर अपने विचार व्यक्त करते हुए जन्म के बाद पहले छह माह तक शिशु को केवल माँ का दूध पिलाने की आवश्यकता पर बल दिया।इसी क्रम में 5 अगस्त को पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का परिचय देते हुए स्तनपान के शारीरिक, सामाजिक एवं भावनात्मक महत्व को आकर्षक पोस्टरों के माध्यम से प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता का मूल्यांकन डॉ. शालिनी राव (जैव प्रौद्योगिकी विभाग), डॉ. शिप्रा सिंह (फ्रेंच विभाग) एवं डॉ. चेतना शर्मा (भूगोल विभाग) ने निर्णायक के रूप में किया।

प्रतियोगिता के परिणामों में बुशरा यूनुस (बी.एससी. गृह विज्ञान) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। मुबर्रम सिद्दीकी एवं निशा सिद्दीकी संयुक्त रूप से द्वितीय तथा जोया खान एवं ज्योति गौतम संयुक्त रूप से तृतीय स्थान पर रहीं। 6 अगस्त को आयोजित विस्तार व्याख्यान एवं संवेदीकरण कार्यक्रम में विद्यार्थियों को स्तनपान के वैज्ञानिक, पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी लाभों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि स्तनपान शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता को सुदृढ़ करने, कुपोषण की रोकथाम करने तथा स्वस्थ एवं सतत जीवन की मजबूत नींव रखने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। साथ ही मातृ स्वास्थ्य पर इसके सकारात्मक प्रभावों एवं समाज में स्तनपान के प्रति अनुकूल वातावरण विकसित करने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला गया।

कुलसचिव विकास ने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों को सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति संवेदनशील बनाने के साथ-साथ जनस्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सकारात्मक सोच विकसित करने में भी सहायक सिद्ध होते हैं।कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. कल्पना देवी, डॉ. कीर्तिमा सचान एवं डॉ. अंजलि सिंह का विशेष योगदान रहा। सप्ताह का समापन 7 अगस्त को जागरूकता संदेश एवं सहभागियों के सम्मान के साथ किया जाएगा।

Next Story
Share it