महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ के तीसरे दीक्षांत समारोह का भव्य पूर्वाभ्यास सम्पन्न

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महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ के तीसरे दीक्षांत समारोह का भव्य पूर्वाभ्यास सम्पन्न
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आजमगढ़, 10 अगस्त। महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ के तृतीय दीक्षांत समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इसी क्रम में मंगलवार को प्रशासनिक भवन में समारोह का भव्य पूर्वाभ्यास किया गया। मिनट-टू-मिनट निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार हुए इस पूर्वाभ्यास में अतिथियों के आगमन, शैक्षणिक शोभायात्रा, मंचीय कार्यक्रम, उपाधि एवं पदक वितरण, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, बच्चों से जुड़े कार्यक्रमों तथा अन्य व्यवस्थाओं का क्रमवार अभ्यास किया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन का उद्देश्य 11 अगस्त को होने वाले मुख्य समारोह को सुव्यवस्थित, गरिमापूर्ण, अनुशासित और समयबद्ध बनाना है।

कुलपति ने परखी तैयारियां, दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने पूर्वाभ्यास के दौरान दीक्षांत समारोह से जुड़ी प्रत्येक गतिविधि का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अतिथियों के आगमन से लेकर शैक्षणिक शोभायात्रा, मंच संचालन, उपाधि वितरण और पदक वितरण तक सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक व्यवस्था को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। कुलपति ने कहा कि दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय की गरिमा, उपलब्धियों और शैक्षणिक पहचान का प्रतीक है। इसे ऐतिहासिक और यादगार बनाने के लिए सभी शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारी टीम भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

11 अगस्त को होगा तृतीय दीक्षांत समारोह

विश्वविद्यालय का तृतीय दीक्षांत समारोह मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को आयोजित होगा। समारोह की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश की माननीय राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल करेंगी। प्रसिद्ध बांसुरी वादक पद्मविभूषण पं. हरि प्रसाद चौरसिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। उच्च शिक्षा मंत्री श्री योगेन्द्र उपाध्याय अतिविशिष्ट अतिथि तथा राज्य मंत्री उच्च शिक्षा श्रीमती रजनी तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह की शोभा बढ़ाएंगी।

74 मेधावियों को मिलेंगे 88 पदक

दीक्षांत समारोह में शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए कुल 74 मेधावी छात्र-छात्राओं को 88 पदक प्रदान किए जाएंगे। इनमें 20 पदक कुलाधिपति पदक तथा 68 पदक कुलपति पदक शामिल हैं। पदक प्राप्तकर्ताओं में 26 छात्र और 48 छात्राएं हैं। इसके साथ ही 11 स्नातक और 63 परास्नातक छात्र-छात्राओं को उपाधियां प्रदान की जाएंगी। समारोह की मिनट-टू-मिनट रूपरेखा के अनुसार कुलाधिपति द्वारा 20 पदकों का वितरण किया जाएगा और डिजीलॉकर में अंकपत्र एवं उपाधि के समावेशीकरण की प्रक्रिया भी कार्यक्रम का हिस्सा होगी।

नौ निर्माण कार्यों का होगा उद्घाटन

समारोह के दौरान विश्वविद्यालय में पूर्ण कराए गए नौ निर्माण कार्यों का उद्घाटन भी प्रस्तावित है। इनमें महिला एवं पुरुष छात्रावासों की चहारदीवारी, कुलपति आवास की चहारदीवारी, अधिकारी आवास की चहारदीवारी एवं वाहन पार्किंग, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष, दत्तात्रेय सरोवर, चरक वानस्पतिक उद्यान एवं तमसा वन (मियावाकी पद्धति), अकादमिक भवन-1 एवं 2 के मध्य कवर्ड पाथवे तथा इंडियन बैंक की शाखा शामिल हैं। समारोह के आरंभिक चरण में इन कार्यों के उद्घाटन के साथ विश्वविद्यालय की उपलब्धियों को भी रेखांकित किया जाएगा।

पूर्वाभ्यास में निभाई गई अतिथियों की भूमिकाएं

पूर्वाभ्यास के दौरान विभिन्न पदाधिकारियों ने आमंत्रित अतिथियों की भूमिकाएं निभाईं। प्रो. देवेंद्र प्रताप सिंह ने मुख्य अतिथि, प्रो. वंदना पाण्डेय ने राज्यपाल एवं कुलाधिपति, प्रो. एस. जेड. अली 'जिम्मी सर' ने उच्च शिक्षा मंत्री तथा प्रो. गीता सिंह ने राज्य मंत्री उच्च शिक्षा की भूमिका निभाई। अतिथियों के स्वागत, मंचासीन होने, शैक्षणिक शोभायात्रा, राष्ट्रगीत एवं विश्वविद्यालय कुलगीत, कुलपति के स्वागत उद्बोधन एवं प्रगति आख्या, उपाधि वितरण तथा पदक वितरण सहित सभी औपचारिकताओं का क्रमवार अभ्यास किया गया।

विशेष आकर्षण होंगे सांस्कृतिक एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रम

दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांवों में आयोजित प्रतियोगिताओं के तीन विजेता बच्चों को पुरस्कृत किया जाएगा। प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को प्रेरक कहानियों, कलर-बुक्स एवं कलर के साथ शैक्षिक सामग्री देने की भी व्यवस्था की गई है। पूर्वाभ्यास में स्कूली बच्चों की पर्यावरण संरक्षण, जल बचाव, देशभक्ति एवं लोकगीत आधारित प्रस्तुतियों का भी अभ्यास कराया गया। बच्चों की प्रस्तुतियों को तैयार करने में एनसी समन्वयक डॉ. पंकज सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

स्वास्थ्य एवं जनसरोकार भी कार्यक्रम का हिस्सा

मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम के अनुसार समारोह में 15 वर्ष आयु की बच्चियों के एचपीवी टीकाकरण का अवलोकन, आजमगढ़ एवं मऊ की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को किट वितरण तथा संबंधित अधिकारियों को एचपीवी टीका प्रमाण-पत्र वितरण भी प्रस्तावित है। प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों/अध्यापकों को पुस्तक भेंट करने तथा विश्वविद्यालय की अर्धवार्षिक पत्रिका और विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के प्राध्यापकों की छह पुस्तकों के विमोचन का कार्यक्रम भी रखा गया है।

विद्यार्थियों के लिए सख्त दिशा-निर्देश

कुलसचिव अमृत लाल ने दीक्षांत समारोह में शामिल होने वाले शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मुख्य समारोह में प्रवेश परिचय-पत्र के आधार पर होगा। समारोह स्थल पर पेन, बैग, कैमरा, मोबाइल फोन, अस्त्र-शस्त्र एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना प्रतिबंधित रहेगा। सभी विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को निर्धारित ड्रेस कोड का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। उन्होंने प्रतिभागियों से समारोह की गरिमा, अनुशासन और निर्धारित समय-सारिणी का पालन करने की अपील की।

व्यवस्थाओं को दिया जा रहा अंतिम रूप

पूर्वाभ्यास का संयोजन प्रो. पी.सी. श्रीवास्तव ने किया तथा संचालन वैशाली सिंह ने किया। इस अवसर पर वित्त अधिकारी शैलेश गिरी, कार्य परिषद एवं विद्या परिषद के सदस्य, विभिन्न समितियों के पदाधिकारी, शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने अपने-अपने दायित्वों का पुनरीक्षण करते हुए व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया। समारोह की रूपरेखा के अनुसार सुबह 10 बजे कुलाधिपति एवं गणमान्य अतिथियों का आगमन होगा और इसके बाद निर्धारित क्रम में शोभायात्रा, उद्घाटन, उपाधि एवं पदक वितरण, मानद उपाधि, पुस्तकों एवं पत्रिका का विमोचन, शिक्षकों का सम्मान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां तथा कुलाधिपति का अध्यक्षीय उद्बोधन होगा।

विश्वविद्यालय की उपलब्धियों का मंच बनेगा दीक्षांत समारोह

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार तृतीय दीक्षांत समारोह केवल उपाधि और पदक वितरण का अवसर नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, सामाजिक और संस्थागत उपलब्धियों को सामने रखने का महत्वपूर्ण मंच भी होगा। समारोह में मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान के साथ शिक्षा, पर्यावरण, स्वास्थ्य, ग्रामीण सहभागिता और बाल शिक्षा से जुड़े कार्यक्रमों को स्थान देकर विश्वविद्यालय की व्यापक सामाजिक जिम्मेदारी को भी रेखांकित किया जाएगा।

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