कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने विद्यार्थियों को दिखाई सफलता की राह, कहा—ज्ञान के साथ संस्कार और अनुशासन भी जरूरी
आजमगढ़, 12 अगस्त। महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ में मंगलवार को आयोजित दीक्षारंभ कार्यक्रम गरिमापूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में...

आजमगढ़, 12 अगस्त। महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ में मंगलवार को आयोजित दीक्षारंभ कार्यक्रम गरिमापूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में...
आजमगढ़, 12 अगस्त। महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ में मंगलवार को आयोजित दीक्षारंभ कार्यक्रम गरिमापूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने नवप्रवेशी एवं वर्तमान विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए सफलता के लिए ज्ञान, अनुशासन, संस्कार और सकारात्मक सोच को जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संदेश दिया।
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल डिग्री हासिल करने का केंद्र नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और प्रतिभा को निखारने का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में सीखी गई बातें भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास करना चाहिए तथा समय का सदुपयोग करना चाहिए।
प्रो. संजीव कुमार ने कहा, “शिक्षक और विद्यार्थी के बीच सतत संवाद विश्वविद्यालय की शैक्षणिक संस्कृति को मजबूत करता है। शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनाना भी है।” उन्होंने विद्यार्थियों को अपने ज्ञान और प्रतिभा का उपयोग समाज एवं राष्ट्र के विकास में करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कई शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि विद्यार्थी नियमित अध्ययन के साथ अनुशासन, सकारात्मक सोच और नैतिक मूल्यों को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। विश्वविद्यालय द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे विभिन्न अवसरों का लाभ उठाकर अपनी प्रतिभा को विकसित करें तथा अपने व्यक्तित्व को बहुआयामी बनाएं।
दीक्षारंभ कार्यक्रम में प्रथम, तृतीय एवं पंचम सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इस अवसर पर वरिष्ठ छात्राओं सुषमा पाण्डेय एवं महक तथा छात्र सत्यम ने अपने अनुभव साझा करते हुए नवप्रवेशी विद्यार्थियों को परिश्रम, अनुशासन और निरंतर सीखने की भावना के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के छात्रों अनुराग और आयुष सिंह ने कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार एवं आयोजन में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक एवं रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिसे उपस्थित जनों ने सराहा। समारोह में विश्वविद्यालय के अधिकारीगण के साथ डॉ. योगेश त्रिपाठी, डॉ. आर. डी. सोनकर, डॉ. अर्चना पाण्डेय, डॉ. अंकुर चौबे, डॉ. रेनू तिवारी, डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. परमानन्द पाण्डेय, सूर्य प्रकाश अग्रहरि, शुभम राय, डॉ. अनुराग सिंह, डॉ. महीप चौरसिया, वैशाली सिंह, डॉ. मनीषा सिंह, डॉ. प्रियंका, डॉ. दीक्षा उपाध्याय एवं डॉ. संतोष चौरसिया सहित अन्य शिक्षकगण तथा बड़ी संख्या में नवप्रवेशी विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन छात्रा अंशिता सिंह ने किया। दीक्षारंभ समारोह विद्यार्थियों के लिए नई ऊर्जा, उत्साह और नए संकल्प के साथ अपनी शैक्षणिक यात्रा प्रारम्भ करने का प्रेरणादायी अवसर बना।





