आमजन विकसित होंगे तो विकसित होगा राष्ट्र : प्रो. संजीव कुमार

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आमजन विकसित होंगे तो विकसित होगा राष्ट्र : प्रो. संजीव कुमार
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आजमगढ़। महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ में स्वतंत्रता दिवस समारोह राष्ट्रभक्ति, उत्साह और उल्लास के वातावरण में गरिमापूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ। विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन पर कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने ध्वजारोहण किया। ध्वजारोहण के बाद एनसीसी कैडेट्स एवं सुरक्षा बलों ने तिरंगे को सलामी दी और राष्ट्रगान के साथ पूरा परिसर देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत हो उठा।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर तिरंगे के रंग में सजा दिखाई दिया। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं विशेष रूप से छात्राएं तिरंगे के परिधान में कार्यक्रम में शामिल हुईं। विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम और उत्साह देखते ही बन रहा था।

ध्वजारोहण के उपरांत कुलपति की अध्यक्षता में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुआ। विश्वविद्यालय की प्राध्यापिका त्रिशिका श्रीवास्तव ने राष्ट्रगीत की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। विश्वविद्यालय कर्मी कमलेश ने भोजपुरी में देशभक्ति गीत प्रस्तुत कर समां बांध दिया। उनके गीत “हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, इहवां के पहचान है, है सोने की सोन चिरैया, मेरा देश महान है” ने उपस्थित लोगों में राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति की भावना को और प्रबल किया।

विश्वविद्यालय की छात्रा गरिमा पांडे ने काव्य पाठ प्रस्तुत किया। सेजल ने अंग्रेजी तथा आयुष ने हिंदी में प्रभावी भाषण दिया। वहीं देवेश सहित विद्यार्थियों ने युगल गीत की प्रस्तुति दी। नंदिनी और आकाश की प्रस्तुति ने भी कार्यक्रम में उत्साह भर दिया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के दौरान कुलपति सहित उपस्थित अतिथियों और विद्यार्थियों ने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।

स्वतंत्रता का मूल्य समझना होगा : कुलपति

सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने अपने संबोधन में स्वतंत्रता के संघर्ष और वर्तमान भारत की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज हम छोटी-छोटी बातों को लेकर परेशान हो जाते हैं, जबकि स्वतंत्रता संग्राम के दौर में देश के वीर सपूतों ने अपने परिवार और जीवन की चिंता किए बिना राष्ट्र की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।

उन्होंने कहा कि वर्ष 1800 से 1947 तक का कालखंड संघर्ष, त्याग और बलिदान का काल था। चंद्रशेखर आजाद जैसे क्रांतिकारियों ने अपने स्वाभिमान और राष्ट्र के लिए जीवन तक का बलिदान कर दिया। उस दौर में अंग्रेजी हुकूमत का प्रभाव इतना व्यापक था कि भारतीयों की सांसों पर भी मानो पहरा था। आज हम स्वतंत्र भारत में अपने निर्णय स्वयं लेने के लिए स्वतंत्र हैं।

कुलपति ने कहा कि आज भारतीय प्रतिभा और भारत का तिरंगा पूरी दुनिया में सम्मान के साथ दिखाई देता है। अमेरिका के न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी सहित दुनिया के अनेक स्थानों पर भारतीय समुदाय गर्व के साथ तिरंगा फहराता है। यह भारत की बढ़ती शक्ति और वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि “देश सबके प्रयास से महान बन रहा है। हमें अपनी सोच सकारात्मक रखनी होगी। जब आमजन विकसित होगा तो राष्ट्र अपने आप विकसित हो जाएगा। हमारी व्यक्तिगत प्रगति में ही राष्ट्र की प्रगति का पैमाना छिपा हुआ है।”

उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि यदि वे सीधे देश के लिए कुछ बड़ा नहीं कर पा रहे हैं तो कम से कम अपने जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास करें। ईमानदारी से किया गया अपना विकास भी राष्ट्र निर्माण में योगदान देता है। उन्होंने कहा कि “आपकी मुस्कान में देश की मुस्कान छिपी हुई है। सोच अच्छी होगी तो कर्म भी अच्छे होंगे और अच्छे कर्म ही राष्ट्र को आगे ले जाएंगे।”

अंत में कुलपति ने सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।

उत्कृष्ट कार्य करने वालों को किया सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न गतिविधियों एवं नशा मुक्ति अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को कुलपति ने पुरस्कृत किया। विश्वविद्यालय के तृतीय श्रेणी कर्मचारी प्रांशु सिंह एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बैरागी को बेहतर उत्तरदायित्व निर्वहन के लिए सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर ताइक्वांडो प्रशिक्षकों ने विश्वविद्यालय की छात्राओं को स्वस्थ जीवनशैली एवं आत्मरक्षा के महत्वपूर्ण गुर भी सिखाए। प्रशिक्षण के माध्यम से छात्राओं में आत्मविश्वास और सुरक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया।

तिरंगा यात्रा ने भरा जोश

कार्यक्रम के समापन से पूर्व कुलसचिव ने सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। राष्ट्रगान के बाद समारोह का औपचारिक समापन हुआ। इसके पश्चात कुलपति प्रो. संजीव कुमार के नेतृत्व में विश्वविद्यालय परिसर में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई।

तिरंगा यात्रा में बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी, एनसीसी कैडेट्स एवं छात्र-छात्राएं शामिल हुए। हाथों में तिरंगा लिए विद्यार्थियों ने “भारत माता की जय” तथा देश के अमर बलिदानी वीर सपूतों के सम्मान में नारे लगाए। पूरे परिसर का वातावरण देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना से गुंजायमान हो उठा।

कार्यक्रम में प्रो. अजीत राय, परीक्षा नियंत्रक, सहायक कुलसचिव सहित विश्वविद्यालय के प्राध्यापकगण, अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन डॉ. ऋतंभरा ने किया।

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