भाषा विवि में हुआ “हर घर तिरंगा” रैली और “सामाजिक हित एवं बेहतर भारत के लिए नवाचार” विषय पर इनोवेशन कैनवास कार्यशाला का आयोजन

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भाषा विवि में हुआ “हर घर तिरंगा” रैली और “सामाजिक हित एवं बेहतर भारत के लिए नवाचार” विषय पर इनोवेशन कैनवास कार्यशाला का आयोजन
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ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत तिरंगा रैली तथा “Innovations for Social Good and Better Bharat” (सामाजिक हित एवं बेहतर भारत के लिए नवाचार) विषय पर इनोवेशन कैनवास कार्यशाला का आयोजन किया गया। दोनों कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता, सामाजिक उत्तरदायित्व, नवाचार एवं उद्यमिता की भावना को प्रोत्साहित किया गया।

“हर घर तिरंगा” अभियान के अंतर्गत सामाजिक विज्ञान संकाय द्वारा तिरंगा रैली का आयोजन किया गया। रैली का नेतृत्व संकायाध्यक्ष डॉ. पूनम चौधरी ने किया। रैली में सामाजिक विज्ञान संकाय के इतिहास, शिक्षाशास्त्र, राजनीतिशास्त्र, भूगोल, मनोविज्ञान एवं समाजशास्त्र विभाग के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। लगभग 160 विद्यार्थियों ने तिरंगा लेकर रैली में भाग लिया। रैली के दौरान “वन्दे मातरम्” एवं “भारत माता की जय” के उद्घोष से विश्वविद्यालय परिसर देशभक्ति के भाव से गूंज उठा।रैली के माध्यम से विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एकता, अखंडता, देशभक्ति एवं राष्ट्रध्वज के सम्मान का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का समापन “सारे जहाँ से अच्छा” के सामूहिक गायन एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ।

इसी क्रम में विश्वविद्यालय में “Innovations for Social Good and Better Bharat” विषय पर इनोवेशन कैनवास कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का संचालन भारतकेयर्स बाय SMEC ट्रस्ट (BharatCares by SMEC Trust) एवं SRF फाउंडेशन द्वारा किया गया, जबकि अवध इन्क्यूबेशन फाउंडेशन (AIF), KMCLU ने सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम को Capgemini का भी सहयोग प्राप्त हुआ। कार्यक्रम का आयोजन माननीय कुलपति प्रो. अजय तनेजा के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर प्रो. सैयद हैदर अली, निदेशक, अवध इन्क्यूबेशन फाउंडेशन, KMCLU, डॉ. दोआ नकवी, चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर, AIF के सदस्य, विश्वविद्यालय के शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।कार्यशाला में श्री अक्षय सिंह, कंसल्टेंट, शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार एवं भारतकेयर्स से जुड़े विशेषज्ञ तथा श्री विकास कालरा ने अपने विचार एवं अनुभव साझा किए। वक्ताओं ने विद्यार्थियों को नवाचार एवं उद्यमिता की मूल अवधारणाओं से परिचित कराते हुए उन्हें पारंपरिक सोच से आगे बढ़कर वास्तविक जीवन की समस्याओं के लिए नए, व्यावहारिक एवं सामाजिक रूप से उपयोगी समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित किया।कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को समस्याओं की पहचान, नवीन समाधान विकसित करने, विचारों के परीक्षण एवं सत्यापन, लाभार्थियों की आवश्यकताओं को समझने, टिकाऊ व्यवसाय मॉडल तैयार करने तथा स्टार्टअप इकोसिस्टम की प्रक्रिया से परिचित कराया गया। इनोवेशन कैनवास के माध्यम से विद्यार्थियों को किसी समस्या को स्पष्ट रूप से परिभाषित करने, संभावित लाभार्थियों की पहचान करने तथा समाधान की व्यवहार्यता एवं स्थिरता का आकलन करने का व्यवस्थित ढांचा प्रदान किया गया। कार्यशाला की सहभागितापूर्ण प्रकृति ने विद्यार्थियों को अपने विचार साझा करने तथा समाज के समक्ष उपस्थित चुनौतियों के लिए अभिनव समाधान तलाशने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि नवाचार आधारित विचारों को सामाजिक प्रभाव वाले तथा आर्थिक रूप से टिकाऊ उद्यमों में परिवर्तित किया जा सकता है।इस अवसर पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने नवाचार एवं उद्यमिता आधारित पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। अवध इन्क्यूबेशन फाउंडेशन द्वारा विद्यार्थियों के नवाचार आधारित विचारों को प्रोत्साहित करने, उद्यमिता को बढ़ावा देने तथा आइडिएशन से इन्क्यूबेशन और आगे टिकाऊ उद्यम के विकास तक सहयोग प्रदान करने की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया।

एक ओर तिरंगा रैली ने विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय एकता की भावना को सुदृढ़ किया, वहीं इनोवेशन कैनवास कार्यशाला ने उन्हें रचनात्मक सोच, समस्या-समाधान, नवाचार एवं उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। दोनों आयोजनों ने विश्वविद्यालय में राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता के साथ-साथ नवाचार, सामाजिक प्रभाव और आत्मनिर्भर भारत की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में आयोजन टीम, सहयोगी संस्थाओं, वक्ताओं, शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों के सक्रिय सहयोग एवं सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया गया।

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