ओरिएंटेशन कार्यक्रम: विज्ञान, रिसर्च, एंटरप्रेन्योरशिप एवं नई संभावनाओं की ओर एक प्रेरणादायक कदम
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झाँसी के *बायोकेमिस्ट्री विभाग* द्वारा आयोजित एक-सप्ताह के *ओरिएंटेशन कार्यक्रम* का आयोजन अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं रोचक रहा। इस...

बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झाँसी के *बायोकेमिस्ट्री विभाग* द्वारा आयोजित एक-सप्ताह के *ओरिएंटेशन कार्यक्रम* का आयोजन अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं रोचक रहा। इस...
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झाँसी के *बायोकेमिस्ट्री विभाग* द्वारा आयोजित एक-सप्ताह के *ओरिएंटेशन कार्यक्रम* का आयोजन अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं रोचक रहा। इस दिवस का उद्देश्य बी.एससी. एवं एम.एससी. के विद्यार्थियों को शैक्षणिक एवं व्यावसायिक अवसरों, वित्तीय जागरूकता, एंटरप्रेन्योरशिप, वैज्ञानिक गतिविधियों तथा विश्वविद्यालय में उपलब्ध विभिन्न शैक्षणिक एवं रिसर्च सुविधाओं से परिचित कराना था।
इस *ओरिएंटेशन कार्यक्रम* का संयोजन *प्रो. आलोक वर्मा, डीन, विज्ञान संकाय* द्वारा किया जा रहा है तथा इसका समन्वय *डॉ. सुमिरन श्रीवास्तव* द्वारा किया जा रहा है। कार्यक्रम के सफल आयोजन में *डॉ. रमेश कुमार, एसोसिएट प्रोफेसर; डॉ. शाहिना कलीम, असिस्टेंट प्रोफेसर; इंजी. अंजलि छोंकर; तथा मिस दिव्या जैन, टीचिंग असिस्टेंट* का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।डॉ देवेंद्र मणि त्रिपाठी एवं डॉ रंजना भाटी आज के प्रथम सत्र में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में *डॉ. शिल्पा मिश्रा*, इंस्टीट्यूट ऑफ इकोनॉमिक्स एंड फाइनेंस, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झाँसी द्वारा “लैब से लाइफ़ तक: हाउ अ बायोकेमिस्ट बिकम्स फाइनेंशियली फ्री एंड एन एंटरप्रेन्योर” विषय पर एक अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक व्याख्यान प्रस्तुत किया गया।
व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों को यह समझाया गया कि शैक्षणिक एवं व्यावसायिक सफलता के साथ-साथ वित्तीय जागरूकता भी जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। डॉ. शिल्पा मिश्रा ने विद्यार्थियों को *फाइनेंशियल प्लानिंग*, बचत, इन्वेस्टमेंट, वित्तीय सुरक्षा तथा भविष्य के लिए धन के उचित प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराया।
सत्र में *वित्तीय मिथकों, बायोकेमिस्ट्री में करियर के विभिन्न अवसरों, इन्वेस्टमेंट की मूल अवधारणाओं, एंटरप्रेन्योरशिप, बचत एवं वित्तीय सुरक्षा, धन की वृद्धि तथा बाजार की कार्यप्रणाली* जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि बायोकेमिस्ट्री में करियर केवल प्रयोगशाला या शिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि वैज्ञानिक ज्ञान के आधार पर उद्योग, नवाचार, एंटरप्रेन्योरशिप तथा अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों में भी अनेक अवसर उपलब्ध हैं।
व्याख्यान में विद्यार्थियों को अपने भविष्य के वित्तीय लक्ष्यों के प्रति जागरूक रहने, नियमित बचत करने, सोच-समझकर इन्वेस्टमेंट करने तथा वित्तीय जोखिमों को समझने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही, वैज्ञानिक ज्ञान को वित्तीय समझ एवं एंटरप्रेन्योरशिप के साथ जोड़कर आत्मनिर्भर एवं सफल भविष्य के निर्माण पर विशेष जोर दिया गया।
यह सत्र विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक रहा तथा उन्हें अपने करियर के साथ-साथ वित्तीय स्वतंत्रता की दिशा में भी सोचने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में विद्यार्थियों ने *अर्थ साइंस विभाग* स्थित *जियोलॉजी म्यूज़ियम* का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस भ्रमण के लिए *प्रो. एम. एम. सिंह* द्वारा विद्यार्थियों को अनुमति प्रदान की गई।
जियोलॉजी म्यूज़ियम के भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न भूवैज्ञानिक नमूनों एवं सामग्रियों को देखने और उनके बारे में जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला। इस भ्रमण के माध्यम से विद्यार्थियों ने पृथ्वी की संरचना, विभिन्न प्राकृतिक पदार्थों, भूवैज्ञानिक प्रक्रियाओं तथा प्राकृतिक संसाधनों के अध्ययन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।
भ्रमण के दौरान *डॉ. वी. के. सिंह, प्रो. एस. पी. सिंह, डॉ. चेतन आनंद दुबे, डॉ. प्रतिज्ञा पाठक तथा डॉ. दीपक कुमार* द्वारा विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया गया। उनके मार्गदर्शन से विद्यार्थियों को संग्रहालय में प्रदर्शित विभिन्न नमूनों एवं वैज्ञानिक सामग्री को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिला।
यह भ्रमण विद्यार्थियों के लिए एक उपयोगी शैक्षणिक अनुभव रहा। इससे उन्हें पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ वास्तविक नमूनों के माध्यम से वैज्ञानिक विषयों को समझने का अवसर प्राप्त हुआ। साथ ही, विद्यार्थियों में विभिन्न वैज्ञानिक विषयों के बीच अंतर्विषयक संबंधों को समझने की रुचि भी विकसित हुई।
जियोलॉजी म्यूज़ियम के भ्रमण के पश्चात विद्यार्थियों ने *इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी* स्थित *एनिमल हाउस* का भ्रमण किया। इस भ्रमण के लिए *प्रोफेसर सुनील कुमार प्रजापति* द्वारा विद्यार्थियों को अनुमति प्रदान की गई।
एनिमल हाउस के भ्रमण के दौरान *श्री रामजी स्वर्णकार* तथा *श्री संतोष कुमार शिवराय, एनिमल हाउस प्रभारी* द्वारा विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया गया। विद्यार्थियों को एनिमल हाउस की व्यवस्था, शोध में इसके महत्व तथा जैविक एवं औषधीय विज्ञान से संबंधित गतिविधियों के बारे में जानकारी प्रदान की गई।
विद्यार्थियों को बताया गया कि जैविक एवं औषधीय क्षेत्रों में होने वाले विभिन्न प्रकार के *रिसर्च* कार्यों में उचित सुविधाओं, पशु देखभाल, सुरक्षा व्यवस्था तथा नैतिक मानकों का विशेष महत्व होता है। इस भ्रमण के माध्यम से विद्यार्थियों को रिसर्च के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाओं तथा वैज्ञानिक प्रक्रियाओं को व्यावहारिक रूप से समझने का अवसर प्राप्त हुआ।
एनिमल हाउस का यह भ्रमण विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अनुभव रहा और इससे उन्हें बायोकेमिस्ट्री, औषधीय विज्ञान तथा अन्य जीवन विज्ञान क्षेत्रों में होने वाले रिसर्च कार्यों की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई।
*ओरिएंटेशन कार्यक्रम* का द्वितीय दिवस विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं अनुभवपूर्ण रहा। प्रथम सत्र में आयोजित वित्तीय जागरूकता एवं एंटरप्रेन्योरशिप से संबंधित व्याख्यान ने विद्यार्थियों को अपने करियर के साथ-साथ वित्तीय स्वतंत्रता, फाइनेंशियल प्लानिंग, बचत और इन्वेस्टमेंट के महत्व को समझने का अवसर प्रदान किया।
इसके पश्चात *जियोलॉजी म्यूज़ियम, अर्थ साइंस विभाग तथा इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी के एनिमल हाउस* के शैक्षणिक भ्रमण ने विद्यार्थियों के ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ा। पूरे दिवस की गतिविधियों ने विद्यार्थियों को विज्ञान, रिसर्च, एंटरप्रेन्योरशिप और व्यक्तिगत विकास के विभिन्न आयामों से परिचित कराया।
इस प्रकार, ओरिएंटेशन कार्यक्रम का यह दिवस विद्यार्थियों के लिए *ज्ञान, अनुभव और नई संभावनाओं से भरपूर* रहा तथा इसने उन्हें अपने शैक्षणिक जीवन के साथ-साथ भविष्य के व्यावसायिक एवं व्यक्तिगत विकास के लिए अधिक जागरूक और आत्मविश्वासी बनने के लिए प्रेरित किया।





