बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी में ओरिएंटेशन प्रोग्राम: स्टूडेंट्स ने सीखा स्ट्रेस और टाइम मैनेजमेंट, इनोवेशन सेंटर का किया भ्रमण

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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी में ओरिएंटेशन प्रोग्राम: स्टूडेंट्स ने सीखा स्ट्रेस और टाइम मैनेजमेंट, इनोवेशन सेंटर का किया भ्रमण
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झांसी: बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी, झांसी के डिपार्टमेंट ऑफ बायोकैमिस्ट्री द्वारा आयोजित एक सप्ताह के ओरिएंटेशन प्रोग्राम के चौथे दिन बी.एससी. और एम.एससी. के स्टूडेंट्स के लिए एक इन्फॉर्मेटिव और इंटरेस्टिंग सेशन आयोजित किया गया। प्रोग्राम का उद्देश्य स्टूडेंट्स को पर्सनल वेल-बीइंग, इफेक्टिव टाइम मैनेजमेंट और मॉडर्न साइंटिफिक रिसर्च फैसिलिटीज के प्रैक्टिकल एप्लीकेशंस से परिचित कराना था।

यह ओरिएंटेशन प्रोग्राम, प्रो. आलोक वर्मा, डीन, फैकल्टी ऑफ साइंस के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है तथा इसका कोऑर्डिनेशन डॉ. सुमिरन श्रीवास्तव द्वारा किया जा रहा है। प्रोग्राम के सफल आयोजन में डॉ. रमेश कुमार, एसोसिएट प्रोफेसर; डॉ. शाहिना कलीम, असिस्टेंट प्रोफेसर; इंजी. अंजली छोंकर तथा मिस दिव्या जैन, टीचिंग असिस्टेंट का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।

प्रोग्राम के प्रथम सत्र में डॉ. दीप्ति सिंह, असिस्टेंट प्रोफेसर, डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन, बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी, झांसी द्वारा “स्ट्रेस, टाइम मैनेजमेंट एंड वेल-बीइंग” विषय पर एक इन्फॉर्मेटिव लेक्चर दिया गया। इस सेशन में स्टूडेंट्स को एकेडमिक और पर्सनल लाइफ में स्ट्रेस के प्रमुख कारणों तथा स्टडी और अन्य एक्टिविटीज के बीच बैलेंस बनाए रखने के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।

डॉ. दीप्ति सिंह ने स्टूडेंट्स को स्ट्रेस को इफेक्टिव तरीके से मैनेज करने के लिए कई प्रैक्टिकल टिप्स दिए। उन्होंने टास्क की सही प्लानिंग, इम्पोर्टेन्ट कार्यों को प्रायोरिटी देने, काम को अनावश्यक रूप से पोस्टपोन न करने और समय-समय पर पर्याप्त ब्रेक लेने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि इफेक्टिव टाइम मैनेजमेंट से स्टूडेंट्स की प्रोडक्टिविटी बढ़ती है और एकेडमिक प्रेशर को कम करने में भी मदद मिलती है। उन्होंने पर्याप्त नींद, हेल्दी लाइफस्टाइल, सेल्फ-अवेयरनेस और बैलेंस्ड रूटीन को ओवरऑल फिजिकल और मेंटल वेल-बीइंग के लिए आवश्यक बताया। इंटरेक्टिव सेशन ने स्टूडेंट्स को अपनी डेली रूटीन पर विचार करने और अपने टाइम तथा रिस्पॉन्सिबिलिटीज को बेहतर तरीके से मैनेज करने के लिए प्रेरित किया।

प्रोग्राम के द्वितीय सत्र में स्टूडेंट्स ने प्रो. एम. एम. सिंह की परमिशन से इनोवेशन सेंटर का विजिट किया। इस विजिट के दौरान स्टूडेंट्स को एडवांस्ड साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट्स और रिसर्च फैसिलिटीज का प्रैक्टिकल एक्सपोजर मिला। डॉ. सुमिरन श्रीवास्तव ने पूरे विजिट के दौरान स्टूडेंट्स को गाइड किया और इनोवेशन सेंटर में उपलब्ध विभिन्न इंस्ट्रूमेंट्स की वर्किंग तथा उनके एप्लीकेशंस के बारे में विस्तार से बताया।

स्टूडेंट्स को गैस क्रोमैटोग्राफी–मास स्पेक्ट्रोमेट्री (GC-MS), पॉलीमरेज़ चेन रिएक्शन (PCR) सहित अन्य एडवांस्ड रिसर्च इंस्ट्रूमेंट्स और लैब फैसिलिटीज के बारे में जानकारी दी गई। इस विजिट के माध्यम से स्टूडेंट्स ने समझा कि मॉडर्न एनालिटिकल और मॉलिक्यूलर बायोलॉजी टेक्निक्स का उपयोग साइंटिफिक रिसर्च, डायग्नोसिस, बायोटेक्नोलॉजी और बायोकैमिस्ट्री के विभिन्न क्षेत्रों में किस प्रकार किया जाता है।

इसके साथ ही स्टूडेंट्स ने प्रो. सोमा अनिल मिश्रा, डायरेक्टर, डिपार्टमेंट ऑफ आर्किटेक्चर, बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी की परमिशन से डिपार्टमेंट ऑफ आर्किटेक्चर का भी विजिट किया। इस दौरान स्टूडेंट्स को डिपार्टमेंट के एकेडमिक एनवायरनमेंट को देखने तथा आर्किटेक्चर के क्षेत्र में क्रिएटिविटी और टेक्निकल नॉलेज के महत्व को समझने का अवसर मिला। इस विजिट और इंटरेक्शन के माध्यम से स्टूडेंट्स ने एजुकेशन के इंटरडिसिप्लिनरी नेचर को समझा और अपने विषय से अलग एक नए फील्ड के बारे में जानकारी प्राप्त की।

इस प्रकार ओरिएंटेशन प्रोग्राम का चौथा दिन स्टूडेंट्स के लिए पर्सनल डेवलपमेंट, साइंटिफिक एक्सपोजर और इंटरडिसिप्लिनरी लर्निंग का एक सार्थक कॉम्बिनेशन रहा। स्ट्रेस मैनेजमेंट और टाइम मैनेजमेंट पर आयोजित सेशन ने स्टूडेंट्स को हेल्दी और प्रोडक्टिव एकेडमिक हैबिट्स अपनाने के लिए प्रेरित किया, जबकि इनोवेशन सेंटर और डिपार्टमेंट ऑफ आर्किटेक्चर के विजिट ने उनके नॉलेज को रिसर्च, टेक्नोलॉजी, क्रिएटिविटी और इनोवेशन के विभिन्न आयामों तक विस्तारित किया। कुल मिलाकर, चौथे दिन की सभी एक्टिविटीज स्टूडेंट्स के लिए अत्यंत इन्फॉर्मेटिव और मोटिवेशनल रहीं, जिन्होंने उन्हें अपनी एकेडमिक रिस्पॉन्सिबिलिटीज को बेहतर ढंग से मैनेज करने और साइंटिफिक रिसर्च एवं इंटरडिसिप्लिनरी लर्निंग के प्रति रुचि विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

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