गांव-गांव पहुंचा पोषण का संदेश, भाषा विवि के विद्यार्थियों ने ग्रामीणों को किया जागरूक
ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय पोषण माह 2026 के अंतर्गत गृह विज्ञान विभाग द्वारा “Discover the Power of Nutrition” थीम पर...

ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय पोषण माह 2026 के अंतर्गत गृह विज्ञान विभाग द्वारा “Discover the Power of Nutrition” थीम पर...
ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय पोषण माह 2026 के अंतर्गत गृह विज्ञान विभाग द्वारा “Discover the Power of Nutrition” थीम पर ग्रामीण पोषण जागरूकता अभियान कुलपति एवं संरक्षक प्रो. अजय तनेजा के संरक्षण में आयोजित किया गया.
अभियान के तहत गृह विज्ञान विभाग के विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय के समीप स्थित चक्करपुरवा, प्रबंध नगर एवं मुबारकपुर गांव का भ्रमण कर ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। विद्यार्थियों ने लोगों को दैनिक जीवन में संतुलित आहार के महत्व, आवश्यक पोषक तत्वों, कुपोषण की रोकथाम, व्यक्तिगत स्वच्छता और स्वस्थ जीवनशैली से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी सरल एवं सहज भाषा में दी।विद्यार्थियों ने ग्रामीणों को बताया कि स्वस्थ शरीर के लिए भोजन में केवल पर्याप्त मात्रा ही नहीं, बल्कि विविधता और पोषण संतुलन भी आवश्यक है। उन्होंने दैनिक आहार में अनाज, दालें, हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी फल, दूध एवं दुग्ध उत्पाद तथा अन्य स्थानीय एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थों को उचित मात्रा में शामिल करने के लिए प्रेरित किया।
नुक्कड़ नाटक के माध्यम से दिया पोषण का संदेश
अभियान का विशेष आकर्षण विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक रहा। मनोरंजक एवं प्रभावी संवादों के माध्यम से विद्यार्थियों ने कुपोषण, असंतुलित खान-पान, स्वच्छता तथा स्वस्थ भोजन की आदतों से जुड़े संदेश ग्रामीणों तक पहुंचाए। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बेहतर स्वास्थ्य के लिए महंगे खाद्य पदार्थों की आवश्यकता नहीं, बल्कि स्थानीय, मौसमी और आसानी से उपलब्ध खाद्य पदार्थों का संतुलित उपयोग भी पर्याप्त रूप से लाभकारी हो सकता है।विद्यार्थियों ने विशेष रूप से बच्चों, किशोरियों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के पोषण पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई। ग्रामीणों को बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास में संतुलित पोषण की भूमिका के बारे में भी जागरूक किया गया।
विद्यार्थियों ने निभाई सामाजिक जिम्मेदारी
इस अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों ने कक्षा में प्राप्त पोषण संबंधी ज्ञान को समुदाय तक पहुंचाने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। ग्रामीणों के साथ प्रत्यक्ष संवाद ने विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व, जन-जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता की भावना को भी मजबूत किया।
कार्यक्रम प्रो. तत्हीर फात्मा, डीन एवं विभागाध्यक्ष, गृह विज्ञान विभाग के संरक्षण एवं निर्देशन में आयोजित किया गया। अभियान के सफल संचालन एवं समन्वय में डॉ. कीर्तिमा सचान, डॉ. कल्पना देवी एवं डॉ. अंजली सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अभियान के समापन पर विद्यार्थियों ने ग्रामीणों को “संतुलित आहार अपनाएं, स्वस्थ जीवन पाएं” का संदेश देते हुए स्वस्थ एवं पोषणयुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत आयोजित यह अभियान विश्वविद्यालय और समुदाय के बीच ज्ञान एवं जागरूकता के सेतु के रूप में सामने आया।





