भाषा विवि से गूंजा संदेश-ओजोन बचाएं, भविष्य सुरक्षित बनाएं

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भाषा विवि से गूंजा संदेश-ओजोन बचाएं, भविष्य सुरक्षित बनाएं
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ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग द्वारा विश्व ओजोन दिवस के अवसर पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन कुलपति प्रो अजय तनेजा के सरंक्षण में किया गया।

कार्यक्रम के संरक्षक एवं विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने ओजोन परत के संरक्षण को वैश्विक पर्यावरणीय सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार या संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों से पर्यावरणीय चुनौतियों के प्रति वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने का आह्वान किया।

विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री विकास ने संगोष्ठी के आयोजन की सराहना करते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों और जन-जागरूकता की आवश्यकता पर बल दिया।संगोष्ठी के संयोजक डॉ. अभय कृष्ण ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया तथा कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। सह-संयोजक डॉ. मानवेंद्र सिंह ने संगोष्ठी के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. प्रदीप कुमार ने ओजोन परत के महत्व, ओजोन क्षरण के प्रमुख कारणों तथा इसके मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभावों पर विस्तृत एवं वैज्ञानिक व्याख्यान दिया। उन्होंने ओजोन-क्षयकारी पदार्थों के उपयोग को नियंत्रित करने तथा पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया।इस अवसर पर डॉ. बी.के. द्विवेदी एवं डॉ. अजय कुमार यादव ने भी अपने विचार एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण प्रस्तुत किए। Faculty of Engineering के निदेशक डॉ. आर.के. त्रिपाठी ने पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए नवाचार एवं सतत तकनीकी विकास की आवश्यकता बताई। संगोष्ठी में वक्ताओं ने ओजोन परत के संरक्षण के लिए पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने, ओजोन-क्षयकारी पदार्थों के उपयोग को कम करने तथा व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए वैज्ञानिक समझ के साथ सामाजिक सहभागिता भी आवश्यक है। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, शोधार्थी एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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