माइक्रोबायोलॉजी के ज्ञान और रचनात्मकता का संगम बना भाषा विवि
ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में “International Microorganism Day 2026” के अवसर पर माइक्रोबायोलॉजी विभाग द्वारा माइक्रोबायोलॉजी क्विज...

ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में “International Microorganism Day 2026” के अवसर पर माइक्रोबायोलॉजी विभाग द्वारा माइक्रोबायोलॉजी क्विज...
ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में “International Microorganism Day 2026” के अवसर पर माइक्रोबायोलॉजी विभाग द्वारा माइक्रोबायोलॉजी क्विज एवं पोस्टर प्रस्तुति का आयोजन कुलपति प्रो अजय तनेजा के सरंक्षण में किया गया. जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए अपने ज्ञान, रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. शालिनी राय, विषय प्रभारी, माइक्रोबायोलॉजी के परिचयात्मक वक्तव्य से हुआ। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय माइक्रोऑर्गेनिज्म दिवस की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सूक्ष्मजीव मानव जीवन, पर्यावरण, कृषि, खाद्य विज्ञान और स्वास्थ्य सहित विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को माइक्रोबायोलॉजी के प्रति रुचि विकसित करने तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया।माइक्रोबायोलॉजी क्विज में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। क्विज के सुचारु एवं व्यवस्थित संचालन के लिए डॉ. अजय कुमार यादव एवं डॉ. नलिनी धस्माना ने निरीक्षण (Invigilation) दायित्व का निर्वहन किया। प्रतियोगिता में मुशीरा खातून एवं प्रियांशु राठी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। एकता कुमारी एवं दुआ फातिमा द्वितीय स्थान पर रहीं, जबकि सारा अशरफ ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम के दूसरे चरण में आयोजित पोस्टर प्रस्तुति प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने सूक्ष्मजीव विज्ञान से जुड़े विभिन्न विषयों पर रचनात्मक एवं ज्ञानवर्धक पोस्टर प्रस्तुत किए। पोस्टरों का मूल्यांकन डॉ. नलिनी मिश्रा एवं डॉ. रत्नेश सिंह द्वारा किया गया। प्रतियोगिता में एकता कुमारी ने प्रथम, सृष्टि ने द्वितीय तथा देवाशीष, अनंत एवं नबील ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिताओं के विजेताओं की घोषणा प्रो. तत्हीर फ़ात्मा, डीन, फैकल्टी ऑफ साइंस द्वारा की गई। उन्होंने सभी विजेताओं एवं प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार की शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियां विद्यार्थियों के ज्ञान को कक्षा से बाहर व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने के साथ-साथ उनमें वैज्ञानिक सोच, प्रस्तुतीकरण कौशल और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करती हैं।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. दिलीप कुमार, डॉ. कमलेश सोनी एवं डॉ. आसिफ जाफरी द्वारा अनुशासन एवं व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया गया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. शालिनी सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन, निर्णायकों, निरीक्षण दल, शिक्षकों एवं सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।





