आईटीएचएम में रचनात्मकता और कौशल के साथ हाउसकीपिंग सप्ताह का शुभारंभ*
झाँसी, 18 सितंबर। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म एंड होटल मैनेजमेंट (आईटीएचएम) में दो दिवसीय *हाउसकीपिंग सप्ताह* का गुरुवार को...

झाँसी, 18 सितंबर। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म एंड होटल मैनेजमेंट (आईटीएचएम) में दो दिवसीय *हाउसकीपिंग सप्ताह* का गुरुवार को...
झाँसी, 18 सितंबर। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म एंड होटल मैनेजमेंट (आईटीएचएम) में दो दिवसीय *हाउसकीपिंग सप्ताह* का गुरुवार को उत्साह एवं विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता के साथ शुभारंभ हुआ। 18 एवं 19 सितंबर को आयोजित हो रहे कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को होटल एवं आतिथ्य उद्योग में हाउसकीपिंग विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका से परिचित कराने के साथ उनकी रचनात्मकता, तकनीकी कौशल और व्यावसायिक दक्षता को प्रोत्साहित करना है।
समारोह के पहले दिन *रंगोली निर्माण, टॉवल आर्ट और फेस आर्ट प्रतियोगिताओं* का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशीलता एवं कलात्मक कौशल का प्रदर्शन करते हुए आकर्षक प्रस्तुतियां दीं।
प्रतियोगिताओं के निर्णायक मंडल में इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज की प्रमुख *प्रो. अर्चना वर्मा, खाद्य प्रौद्योगिकी विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर **डॉ. नूपुर गौतम* तथा अर्थशास्त्र, बैंकिंग एवं वित्त विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर *डॉ. ज्योति कुमारी मिश्रा* शामिल रहीं। निर्णायकों ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता, प्रस्तुतीकरण तथा कार्य में दिखाई गई सूक्ष्मता की सराहना की।
कार्यक्रम में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलसचिव *ज्ञानेंद्र कुमार* ने विद्यार्थियों एवं आयोजन टीम के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों को व्यावहारिक एवं कौशल आधारित शिक्षा से जोड़ती हैं और उनके सर्वांगीण विकास में सहायक होती हैं।
आईक्यूएसी के निदेशक *प्रो. सुनील कुमार कबिया* ने कहा कि सह-पाठ्यचर्या गतिविधियां विद्यार्थियों में रचनात्मकता, टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता एवं अनुभवात्मक अधिगम को बढ़ावा देती हैं। ऐसी गतिविधियां कक्षा में अर्जित ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
हाउसकीपिंग सप्ताह का आयोजन *सुश्री आस्था सिंह* के मार्गदर्शन में किया गया। उन्होंने कहा कि होटल उद्योग में हाउसकीपिंग केवल स्वच्छता एवं रखरखाव तक सीमित नहीं है। यह अतिथि सुविधा, सुरक्षा, सौंदर्यबोध, सेवा गुणवत्ता और अतिथि संतुष्टि का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने विद्यार्थियों को आतिथ्य उद्योग में सफल करियर के लिए व्यावसायिक हाउसकीपिंग कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर *प्रो. देवेश निगम, प्रो. संजय निभोरिया, प्रो. प्रतीक अग्रवाल, डॉ. रिचा राय, डॉ. सुधीर द्विवेदी, डॉ. जी.के. श्रीनिवासन, आशीष सेठ, मुकुल खरे, डॉ. प्रणव भार्गव, जयकिशन पुरोहित, अंकुर चचरा, अभिषेक जोशी, निशांत पुरवार, गोपाल एवं डॉ. आयुष सक्सेना* सहित संस्थान के शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने रचनात्मकता के साथ प्रस्तुतीकरण, सटीकता, सौंदर्यबोध तथा सूक्ष्म विवरणों पर ध्यान देने जैसे महत्वपूर्ण व्यावसायिक कौशलों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।





