UPSC टॉपर शुभम की कहानी,12वी पास होते ही यूपीएससी में जाने का देखा ख्वाब

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UPSC टॉपर शुभम की कहानी,12वी पास होते ही यूपीएससी में जाने का देखा ख्वाब


यूपीएससी 2020 का परिणाम आ चुका है,कटिहार के रहने वाले शुभम कुमार ने टॉप किया है ।यूपीएससी का सफर उनका 2018 से ही शुरू हो गया था ।2019 में भी उन्होंने एग्जाम दिया था जिसमे उनकी 290वी रैंक आई थी।इसी के बाद इंडियन डिफेंस अकाउंट सर्विसेज़ में उनकी ट्रेनिंग शुरू हुई थी. अब तीसरी बार में टॉप कर लिया है. रिज़ल्ट आने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ट्वीट करके शुभम को बधाई दी. लिखा –

*"UPSC सिविल सेवा परीक्षा में प्रथम स्थान हासिल करने पर बिहार के शुभम कुमार को बधाई एवं शुभकामनाएं. उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना है. बिहार के विकास आयुक्त, आमिर सुबहानी जी ने भी पूर्व में प्रथम स्थान प्राप्त किया था."*

एक प्रतिष्ठित न्यूज समूह से बात करते हुए शुभम ने कहा –

*"छह साल की उम्र में मैं पढ़ाई के लिए घर से बाहर चला गया था. पूर्णिया से पढ़ाई की. इसके बाद IIT में सेलेक्शन हुआ और IIT मुंबई से सिविल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया. 2018 में पासआउट हुआ. इसके बाद UPSC की तैयारी शुरू की. पूरा परिवार आज भी कटिहार में गांव में ही रहता है. पापा बैंक मैनेजर हैं, मम्मी होम-मेकर हैं. दीदी इंदौर में साइंटिफिक ऑफिसर हैं."*

UPSC की प्लानिंग पर बात करते हुए शुभम ने कहा –

*"मेरे दिमाग में तो 12वीं के बाद से ही था कि UPSC की तैयारी करनी है. लेकिन मैं मिडिल क्लास फैमिली से आता हूं तो ये लगा कि अगर IIT निकाल लेता हूं तो भविष्य सिक्योर हो जाएगा. मैं फिज़िक्स, केमेस्ट्री, मैथ्स में अच्छा भी था तो इसलिए पहले उधर ध्यान दिया. IIT मुंबई में मेरा सेलेक्शन हुआ. कॉलेज में रहते हुए ही मैंने काफी कुछ एक्सप्लोर किया. कंपनी में काम किया, रिसर्च भी किया. इसके बाद फिर मुझे लगा कि अब UPSC की तैयारी करनी है."*

शुभम ने बताया कि IIT में रहने के दौरान उन्होंने जहां इंटर्नशिप की, उस कंपनी को भी उनका काम काफी पसंद आया था. कंपनी की तरफ से ऑफर भी था कि वे आगे उनके साथ जुड़ सकते हैं लेकिन शुभम को लगा कि जब वो लीडरशिप पोजीशन में रहते हैं और लोगों के लिए कुछ करते हैं तो वहां पर वे अपना बेस्ट दे पाते हैं. इसलिए IIT के प्लेसमेंट में भी नहीं बैठे, UPSC की तैयारी की और अब टॉप भी किया.

शुभम ने बताया कि पिछले 3 साल में वो करीब 7 से 8 घंटे की पढ़ाई कर रहे हैं. उनका मानना है कि कितने घंटे पढ़ रहे हैं, इससे ज़्यादा मायने ये रखता है कि कितनी नियमित तरीके से पढ़ रहे हैं.

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