भाषा विश्वविद्यालय की 39वीं कार्यपरिषद में बड़े फैसले — शैक्षणिक उन्नयन, 23 शिक्षकों को पदोन्नति और संस्थागत विकास को नई रफ्तार
दिनांक: १७ फरवरी, २०२६ :ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ में कुलपति प्रोफेसर अजय तनेजा की अध्यक्षता में 39वीं कार्यपरिषद की बैठक...
दिनांक: १७ फरवरी, २०२६ :ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ में कुलपति प्रोफेसर अजय तनेजा की अध्यक्षता में 39वीं कार्यपरिषद की बैठक...
दिनांक: १७ फरवरी, २०२६ :ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ में कुलपति प्रोफेसर अजय तनेजा की अध्यक्षता में 39वीं कार्यपरिषद की बैठक सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। बैठक में विश्वविद्यालय के समग्र विकास, शैक्षणिक उन्नयन, प्रशासनिक सुधार तथा शिक्षकों और विद्यार्थियों के हितों से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए।
बैठक की शुरुआत विश्वविद्यालय की प्रगति की समीक्षा से हुई, जिसमें शैक्षणिक गुणवत्ता को और सुदृढ़ करने, अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने तथा संस्थागत व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
सबसे महत्वपूर्ण निर्णय के रूप में विश्वविद्यालय की रोवर्स एवं रेंजर्स इकाइयों का नामकरण किया गया। विश्वविद्यालय में संचालित रोवर्स/रेंजर्स योजना के अन्तर्गत रोवर्स को सुभाष चन्द्र बोस रोवर्स क्रू तथा रेंजर्स को लक्ष्मीबाई रेंजर्स टीम नामांकित किये जाने कार्य परिषद् द्वारा सर्वसम्मति से अनुमोदन प्रदान किया गया।यह निर्णय विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, नेतृत्व और अनुशासन की भावना को और सुदृढ़ करेगा।
बैठक में कैरियर एडवांसमेंट स्कीम (CAS) के अंतर्गत 15 जनवरी 2026 तक लंबित सभी पदोन्नतियों को स्वीकृति प्रदान की गई। कुल 23 शिक्षकों के प्रमोशन अनुमोदित किए गए, जिनका विवरण निम्नवत है—
1. एसोसिएट प्रोफेसर से प्रोफेसर पद पर पदोन्नति:
1. डॉ. ततहीर फातिमा (गृह विज्ञान)
2. असिस्टेंट प्रोफेसर से एसोसिएट प्रोफेसर पद पर पदोन्नति (8):
1. डॉ. वसी आज़म अंसारी, उर्दू विभाग
2. डॉ. मोहम्मद अकमल, उर्दू विभाग
3. डॉ. अब्दुल हफीज, अरबी विभाग
4. डॉ. नीरज शुक्ला, कॉमर्स विभाग
5. डॉ. मोहम्मद शारिक, फिजिकल एजुकेशन विभाग
6. डॉ. पूनम चौधरी, इतिहास विभाग
7. डॉ. मज़र खालिक, सीएस एंड आईटी विभाग
8. डॉ. नलिनी मिश्रा, एजुकेशन विभाग
3. असिस्टेंट प्रोफेसर (स्टेज-10 से स्टेज-11) पदोन्नति (14):
1. डॉ. मुर्तज़ा अली अतहर , उर्दू विभाग
2. डॉ. ज़फ़रुन्नकी, उर्दू विभाग
3. डॉ. सिद्धार्थ सुदीप, उर्दू विभाग
4. डॉ. सचिंद्र शेखर, जर्नलिज़्म एंड मास कम्युनिकेशन विभाग
5. डॉ. सैयद काज़िम असगर रिज़वी , जर्नलिज़्म एंड मास कम्युनिकेशन विभाग
6. डॉ. मनीष, कॉमर्स विभाग
7. डॉ. रामदास, एजुकेशन विभाग
8. डॉ. उधम सिंह, इकोनॉमिक्स विभाग
9. डॉ. राहुल मिश्रा, इकोनॉमिक्स विभाग
10. डॉ. जहाँआरा जैदी, हिंदी विभाग
11. डॉ. रज़ा अब्बास हैदरी, सीएस एंड आईटी विभाग
12. डॉ. हारून रशीद, इंग्लिश विभाग
13. डॉ. ज़ैबुन्निसा ,कॉमर्स विभाग
14. डॉ. लक्ष्मण सिंह, इतिहास विभाग
इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से 11 गेस्ट फैकल्टी को विजिटिंग फैकल्टी के रूप में इम्पैनल किया गया, जिससे विद्यार्थियों को विशेषज्ञ शिक्षकों का लाभ प्राप्त होगा ।
1. शिक्षाशास्त्र विभाग – डॉ० ज्योति गुप्ता
2. अर्थशास्त्र विभाग – सुश्री आयशा अमन
3. CS & IT विभाग – श्री आशीष कुमार तिवारी
4. CS & IT विभाग – फरज़ान ख़ान
5. अंग्रेज़ी विभाग – सुश्री माजिया शाज
6. पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग – डॉ० विनय कुमार
7. बायोटेक्नोलॉजी विभाग – डॉ० अपर्णा सिंह कुशवाहा
8. गृह विज्ञान विभाग – डॉ० अंजली सिंह
9. Automation & Robotics (Electronics Engineering) विभाग – डॉ० शरद प्रताप सिंह
10. Automation & Robotics (Electronics Engineering) विभाग – सुश्री सुनेना शाक्य
11. भूगोल विभाग-डॉ आदेश पटेल
कार्यपरिषद ने 32वीं वित्त समिति की सभी संस्तुतियों को अनुमोदित करते हुए वित्तीय एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं को और मजबूत बनाने का निर्णय लिया। विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर एवं प्रोवोस्ट के उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए उनके मानदेय (Honorarium) में वृद्धि को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक में एक महत्वपूर्ण कल्याणकारी निर्णय लेते हुए यह भी तय किया गया कि अब विश्वविद्यालय में कार्यरत संविदा (Contractual) फैकल्टी को ईपीएफ (EPF) की सुविधा प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त संविदा शिक्षकों के अवकाश संबंधी विषय, जो अब तक लंबित था, उसे शासनादेश के अनुरूप स्वीकृत कर दिया गया।
स्ववित्तपोषित (Self Finance) पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए दिनांक 09 अक्टूबर 2025 के शासनादेश (GO) को विश्वविद्यालय द्वारा अंगीकृत (Adopt) कर लिया गया, जिससे इन पाठ्यक्रमों के संचालन में पारदर्शिता एवं प्रभावशीलता आएगी।
इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में संविदा (Contractual) आधार पर नियुक्तियां भी की गईं, जिनका विवरण निम्नवत है—
1. डॉ. शिप्रा सिंह, आधुनिक यूरोपीय एवं एशियाई भाषा विभाग – फ्रेंच
2. डॉ. रघुनन्दन सिंह, (विधि विभाग) – अर्थशास्त्र
3. डॉ. योगेन्द्र कुमार सिंह, हिन्दी (विधि विभाग)
4. डॉ. आराधना अस्थाना, हिन्दी ,(विधि विभाग)
5. डॉ. राज कुमार सिंह, इतिहास,(विधि विभाग )
6. डॉ. सरिता सिंह, संस्कृत एवं पाली विभाग – संस्कृत
7. डॉ. हिमांशु गंगवार, संस्कृत एवं पाली विभाग – संस्कृत
8. सुश्री स्मृति स्नेह, अनुप्रयुक्त (applied science and humanities )विज्ञान एवं मानविकी विभाग – अंग्रेजी
9. श्री यूसुफ अयाज़, (विधि विभाग )– अंग्रेजी
10. डॉ. वलीउल्लाह, कम्प्यूटर साइंस एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग
11. श्री राकेश कुमार गौतम, कम्प्यूटर साइंस एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग
12. सुश्री शागुफ्ता ख़ान, कम्प्यूटर साइंस एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग।
बैठक के अंत में कुलपति प्रोफेसर अजय तनेजा ने कहा कि कार्यपरिषद द्वारा लिए गए ये सभी निर्णय विश्वविद्यालय को शैक्षणिक उत्कृष्टता, प्रशासनिक दक्षता एवं संस्थागत विकास की दिशा में नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। उन्होंने सभी सदस्यों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को विश्वविद्यालय के समग्र विकास के लिए मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।
कार्यपरिषद के इन महत्वपूर्ण निर्णयों से विश्वविद्यालय में शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं संस्थागत प्रगति को नई गति मिलने की उम्मीद है।





