Oscar Award : Capra called the journey back to his chair 'the longest, saddest, most shattering walk in my life'

Oscar Award : Capra called the journey back to his chair the longest, saddest, most shattering walk in my life


फिल्म बनाने और देखने वाले लोगो के लिए ऑस्कर अवार्ड एक सपने की तरह है | जिस तरह एक फिल्म मेकर दिल में इस तमन्ना के साथ फ़िल्में बनता है की एक दिन वो भी इस खूबसूरत मूर्ति को अपने हाथों में लेकर खड़ा होगा | न जाने कितने लोग आये और अपने इस सपने को देखते हुए चले गए | कुछ ने इसे पाया तो कुछ ने इसे दूर से ही देख अपनी तमन्नाओ में जिन्दा रखा |

पहला ऑस्कर अवार्ड समारोह : फोटो साभार सोशल मीडिया

इस बात का कम लोगो को ही पता है की ऑस्कर अवार्ड जिसकी घोषणा हर साल होती है उसमे ऑस्कर पुरुष्कार का नाम उस मूर्ति का है जिसे दिया जाता है | इसे अकादमी अवार्ड के नाम से जाना जाता है | इसकी शुरुआत १६ मई १९२९ में पहली बार हॉलीवुड के रूजवेल्ट होटल के ब्लोसम रूम में हुई थी | इसमें एक अगस्त १९२७ से एक अगस्त १९२८ तक रिलीज़ हुई फिल्मो को पहली बार पुरुष्कार के लिए चयन किया गया था |

ये बात बहुत कम लोगो को पता है की दुनिया की पहली बोलती फिल्म द जाज सिंगर को ऑस्कर में भाग लेने नहीं दिया गया था क्योंकि बोलती फिल्म को मूक फिल्म से तुलना करना मुश्किल था (१)

ऑस्कर अवार्ड को देने का ख्याल उस समय के एक मशहूर स्टूडियो एम् जी एम् के मुखिया लुइस बी मेयर को जाता है | उन्होंने फिल्म उद्योग और फिल्मो को बढ़ावा देने के लिए इसे एक नॉन प्रॉफिट इवेंट के रूप में प्रस्तुत किया |

इस पहले अवार्ड समारोह के अध्यक्ष डगलस फेयरबैंक सीनियर थे | इस समारोह में हिस्सा लेने के लिए पांच डॉलर का टिकट था | इसकी एंकरिंग डगलस फेयरबैंक सीनियर ने की थी जो तक़रीबन पंद्रह मिनट तक चली |

इसमें पहली बार फिल्म दी लास्ट कमांड के लिए एमिएल यन्निंग्स को बेस्ट एक्टर का अवार्ड मिला | उनको ये अवार्ड समारोह से पहले ही दे दिया गया था क्योंकि उनको अपने घर जाना था | पहली बार ये अवार्ड दिया गया तो सिर्फ एक फिल्म के लिए नहीं दिया जाता था बल्कि पुरे साल के काम पर आधारित होता था | एमिएल यन्निंग्स की दूसरी फिल्म " द वे ऑफ़ आल फ्लैश (1927) को भी आधार माना गया था | दुर्भाग्य से ये फिल्म अब हमारे बीच नहीं है|

एमिएल यन्निंग्स स्विस नागरिक थे और उनको ढेरो ऐतिहासिक किरदारों को निभाने के लिए जाना जाता था | उनके कुछ काम में हेनरी आठ , ऑथेलो, लुइस द फिफ्टींथ और नीरो मुख्या है | उनको उस समय सबसे बड़ा स्क्रीन एक्टर माना जाता था |



इस फिल्म के निर्देशक जोसफ वांन स्टर्न्बर्ग, एक ऑस्ट्रियन अमेरिकन फिल्म मेकर थे जिन्होंने पहले कई मूक फिल्मो का निर्माण किया था | इनका बचपन गरीबी में बीता और वे बताते है की किस तरह उन्होंने दुकान में काम करते हुए अपना जीवन गुजारा | जब उनको फिल्म प्रिंट को साफ़ करने का काम मिला तो यही से उनके नए जीवन की शुरुआत हुई |

ऑस्कर अवार्ड में बेस्ट पिक्चर का अवार्ड विंग्स फिल्म को मिला जिसके निर्देशक विलियम वेलमान थे | ये उस समय की बहुत महँगी फिल्म थी जिसका बजट २ मिलियन डॉलर था | ये फिल्म वर्ल्ड वॉर एक के दो पायलट की कहानी थी जो एक ही महिला को प्यार करने लगे थे - उस साल ऍफ़ डब्लूए मुरनौ की सनराइस को भी बेस्ट फिल्म का अवार्ड दिया गया था - उस साल २२ वर्ष की जेनेट गैनोर एकमात्र महिला कलाकार थी जिनको अवार्ड मिला |

उस साल हॉलीवुड के बेहतरीन एक्टर चार्ली चैपलिन को हांनरेरी पुरष्कार दिया गया | हालाँकि वे बेस्ट एक्टर, बेस्ट राइटर , और बेस्ट कॉमेडी डायरेक्टर में नामित थे पर उनको वहां से हटाकर इस अवार्ड को दिया गया |

ये चैपलिन का पहला और १९७१ तक एकमात्र अवार्ड था | १९७१ में उनको एकबार फिर हांनरेरी पुरष्कार दिया गया |

कहा जाता है की अकेडमी अवार्ड के लिए पहली बार ऑस्कर नाम का उपयोग १९३९ में किया गया |

इस नाम को लेकर कई तरह की कहानिया प्रचलित है पर ठोस रूप से कुछ भी नहीं कहा जा सकता की इसके पीछे की वजह क्या है | अकादमी अवार्ड की घोषणा गुप्त मतदान के द्वारा होता था और एक समारोह में नाम की घोषणा की जाती है | आज भी ऑस्कर अवार्ड नाईट को सबसे बड़ा फिल्म समारोह माना जाता है |

जेनेट गैनोर को सेवंथ हेवन के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का पुरुष्कार दिया गया था |

आर्ट डायरेक्शन का अवार्ड द दोव् (THE DOVE) फिल्म के लिए विलियम कैमरून मेन्ज़ी (William Cameron Menzie) को दिया गया था | इसी तरह से बेस्ट सिनेमेटोग्राफी का अवार्ड चार्ल्स रॉशेर को सनराइज फिल्म के लिए दिया गया | बेस्ट निर्देशक कॉमेडी फिल्म के लिए लुईस माइलस्टोन को अवार्ड दिया गया | हालाँकि उनकी टक्कर में चार्ली चैपलिन जैसा नाम भी था पर उनकी फिल्म को नामित नहीं किया गया था क्योंकि उनको उस साल आनरेरी अवार्ड दिया गया था | इसी तरह निर्देशक ड्रामा फिल्म के लिए फ्रैंक बोर्ज़ाग़े को उनकी फिल्म सेवंथ हेवन (7TH HEAVEN) को दिया गया था |

उस बार के इंजीनियरिंग इफ़ेक्ट अवार्ड के लिए विंग्स फिल्म को चुना गया था और ये अवार्ड रॉय पॉमरॉय को दिया गया | उस साल की बेहतरीन फिल्म (OUTSTANDING PICTURE) का अवार्ड भी विंग्स फिल्म को दिया गया था | दी सर्कस फिल्म को विशिष्ट पुरुष्कार (SPECIAL AWARD) से नवाजा गया था |

(UNIQUE AND ARTISTIC PICTURE) यूनिक और आर्टिस्टिक फिल्म का अवार्ड सनराइज फिल्म को दिया गया |

WRITING (ADAPTATION) लेखन में अडॉप्टेशन के लिए 7TH HEAVENके लिए बेंजामिन गलाज़रको को मिला

WRITING (ORIGINAL STORY) लेखन मूल स्टोरी के लिए अंडरवर्ल्ड फिल्म को अवार्ड मिला |

WRITING लेखन (TITLE WRITING) टाइटल लेखन का अवार्ड जोसेफ फरंहम को मिला था |

१९३३ के अकादमी अवार्ड में एक बार फ्रैंक लॉयड और फ्रैंक कैपरा दोनों ही बेस्ट निर्देशक के लिए नामित थे , एंकर विल रोजर्स ने जब कहा की फ्रैंक आओ और अवार्ड ले लो तो फ्रेंक कैपरा ने जाकर अवार्ड ले लिया और जब उनको पता चला की ये अवार्ड उनको नहीं फ्रैंक लॉएड को मिला है तो उन्होंने कहा की " Capra called the journey back to his chair 'the longest, saddest, most shattering walk in my life'

सन्दर्भ:

१) https://www.history.com/this-day-in-history/first-academy-awards-ceremony



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