पंजाब केन्द्रीय विश्वविद्यालय में विश्व हिंदी दिवस पर विशेष व्याख्यान का आयोजन

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पंजाब केन्द्रीय विश्वविद्यालय में विश्व हिंदी दिवस पर विशेष व्याख्यान का आयोजन
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बठिंडा, जनवरी 16: पंजाब केन्द्रीय विश्वविद्यालय बठिंडा में माननीय कुलपति आचार्य राघवेंद्र प्रसाद तिवारी के संरक्षण में हिंदी विभाग तथा राजभाषा कार्यान्वयन समिति के संयुक्त तत्वावधान में विश्व हिंदी दिवस 2026 के उपलक्ष्य में दिनांक 16 जनवरी, 2026 को ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और भारतीय भाषाएँ’ विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गयाI इस व्याख्यान में मुख्य वक्ता के रूप में केन्द्रीय हिंदी निदेशालय, दिल्ली के निदेशक आचार्य हितेंद्र कुमार मिश्र ने पधारकर श्रोताओं को लाभान्वित कियाI

कार्यक्रम के आरंभ में डॉ. कुलभूषण शर्मा ने विषय का परिचय प्रस्तुत करते हुए विश्व हिंदी दिवस के महत्त्व को रेखांकित कियाI इसके उपरांत श्रोताओं का औपचारिक स्वागत करते हुए डॉ. मधुलिका बेन पटेल ने मुख्य वक्ता आचार्य हितेंद्र कुमार मिश्र का परिचय प्रस्तुत करते हुए उनकी अकादमिक और प्रशासनिक उपलब्धियों को रेखांकित कियाI

अपने संबोधन में आचार्य हितेंद्र कुमार मिश्र ने कहा कि वैश्विक परिदृश्य में भारत युवा देश है और भारत की राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भारत बोध और युवा केन्द्रित नीति हैI इस नीति में युवाओं को केवल डिग्री प्राप्त करने के परंपरागत सोच से आगे बढ़कर उनमे वैश्विक दक्षता और कौशल प्रदान करने पर बल दिया गया हैI उन्होंने कहा की राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 सभी भारतीय भाषाओँ को एक साथ आगे बढ़ाने पर केन्द्रित हैI उन्होंने कहा कि भारत बोध के अंतर्गत सभी भाषाएँ राष्ट्र की हैं और सभी भाषाएँ राष्ट्र भाषाएँ हैंI

अध्यक्षीय उद्बोधन में बोलते हुए विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण आचार्य संजीव ठाकुर ने कहा कि भारत में भाषिक विविधता यहाँ की संस्कृति की विशेषता है, जिसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से संवर्धन प्राप्त हो रहा हैI कार्यक्रम के अंत में हिंदी के विभागाध्यक्ष आचार्य राजेन्द्र कुमार सेन ने कहा कि हिंदी भाषा भारतीय भाषाओं को जोड़ने और उनमें समन्वय स्थापित करने का कार्य कर रही हैI उन्होंने हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओँ के महत्त्व को रेखांकित करते हुए औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत कियाI

इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. विजय शर्मा, आचार्य कन्हैया त्रिपाठी, आचार्य विनोद पठानिया, आचार्य रमनप्रीत कौर, डॉ. अमनदीप सिंह, डॉ. रिश्पाल सिंह, डॉ. दीपक कुमार पाण्डेय, डॉ. अमित कुमार सिंह कुशवाहा, डॉ. समीर, डॉ. आदिश वर्मा, हिंदी अधिकारी रूपेंद्र शर्मा, तथा अन्य विभागों से शिक्षक एवं शोधार्थी तथा विद्यार्थी उपस्थित थेI

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