महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय में प्रवेश परीक्षा, डिजिटल पारदर्शिता और वैल्यू एडेड कोर्सेस के माध्यम से नई शैक्षणिक पहचान गढ़ने की तैयारी
पारदर्शी प्रवेश प्रक्रिया से बढ़ा छात्रों का भरोसा, 13 जुलाई से शुरू होगा नया शैक्षणिक सत्र, २० जून तक आन लाइन प्रवेश फॉर्म भरें जायेंगे आजमगढ़।...

पारदर्शी प्रवेश प्रक्रिया से बढ़ा छात्रों का भरोसा, 13 जुलाई से शुरू होगा नया शैक्षणिक सत्र, २० जून तक आन लाइन प्रवेश फॉर्म भरें जायेंगे आजमगढ़।...
पारदर्शी प्रवेश प्रक्रिया से बढ़ा छात्रों का भरोसा, 13 जुलाई से शुरू होगा नया शैक्षणिक सत्र, २० जून तक आन लाइन प्रवेश फॉर्म भरें जायेंगे
आजमगढ़। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय ने आगामी शैक्षणिक सत्र की प्रवेश प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी, निष्पक्ष और छात्र हितैषी बनाने का संकल्प लिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की मजबूत नींव एक विश्वसनीय और पारदर्शी प्रवेश व्यवस्था से ही रखी जा सकती है। इसी उद्देश्य के साथ विश्वविद्यालय ने नई तकनीक, डिजिटल माध्यमों और सुदृढ़ प्रशासनिक व्यवस्था को अपनाते हुए प्रवेश प्रक्रिया को अधिक सुगम और भरोसेमंद बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
विश्वविद्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने कहा कि छात्रों और अभिभावकों का विश्वास विश्वविद्यालय की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक अभ्यर्थी को समान अवसर प्रदान किया जाएगा तथा चयन प्रक्रिया पूरी तरह योग्यता और निर्धारित मानकों के आधार पर संपन्न होगी। उन्होंने कहा कि प्रवेश व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता या पक्षपात की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी जाएगी।
कुलपति ने जानकारी देते हुए बताया कि बीबीए, बीसीए, बीए एलएलबी, एलएलएम तथा विज्ञान वर्ग के कुछ प्रमुख पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रवेश परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। परीक्षा संबंधी तिथियाँ, दिशा-निर्देश तथा आवेदन प्रक्रिया शीघ्र ही विश्वविद्यालय के आधिकारिक समर्थ पोर्टल पर जारी की जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन का उद्देश्य है कि प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर प्रदान किया जाए।
प्रवेश प्रक्रिया को अधिक सरल और पारदर्शी बनाने के लिए विश्वविद्यालय ने हेल्पलाइन नंबर, परामर्श केंद्र तथा ऑनलाइन सहायता प्रणाली की व्यवस्था भी सुनिश्चित की है। इससे दूरदराज के विद्यार्थियों को आवेदन और प्रवेश संबंधी समस्याओं के समाधान में सुविधा मिलेगी। साथ ही डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के माध्यम से सूचनाओं का व्यापक प्रसार किया जाएगा, ताकि प्रत्येक विद्यार्थी समय पर आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सके।
विश्वविद्यालय ने आगामी सत्र में लगभग 2500 से 3000 विद्यार्थियों के प्रवेश का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके साथ ही छात्रों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए वैल्यू एडेड और स्किल बेस्ड कोर्सेस प्रारंभ करने की योजना बनाई गई है। इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ रोजगारपरक, तकनीकी और व्यावहारिक ज्ञान से भी सशक्त बनाना है, ताकि वे बदलते समय की चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना कर सकें।
कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने कहा, “विश्वविद्यालय केवल डिग्री प्रदान करने का केंद्र नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और उज्ज्वल भविष्य निर्माण का माध्यम है। हमारा प्रयास है कि शिक्षा के साथ नैतिकता, गुणवत्ता और पारदर्शिता को भी समान महत्व दिया जाए। सामूहिक प्रयासों, आधुनिक तकनीकी संसाधनों और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण के माध्यम से विश्वविद्यालय छात्रों और अभिभावकों का विश्वास निरंतर मजबूत करेगा।”
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार नया शैक्षणिक सत्र 13 जुलाई से प्रारंभ करने की तैयारी अंतिम चरण में है। छात्रों और अभिभावकों ने विश्वविद्यालय की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे सकारात्मक, प्रेरणादायी और भविष्य उन्मुख कदम बताया है। शिक्षा जगत के विशेषज्ञों का मानना है कि पारदर्शी प्रवेश नीति, आधुनिक शैक्षणिक दृष्टिकोण और कौशल आधारित शिक्षा व्यवस्था महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय को क्षेत्रीय ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।





