शिक्षा में मौजूदा मूल्यांकन प्रणाली के बदलाव के दिशा निर्देश

 आरती बचपन एक्सप्रेस  …………….

मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने कहा है कि एनसीईआरटी जल्द ही नए दिशानिर्देश जारी करेगा राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद ने मौजूदा मूल्यांकन प्रणाली को हानिकारक बताया है और वह जल्द ही 2022 तक इस मूल्यांकन प्रणाली में बदलाव के लिए नया दिशानिर्देश तैयार करने वाला है मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने यह जानकारी दी है की नई शिक्षा नीति को अंतिम स्वरूप देने की प्रक्रिया में है|

इसका अंतिम मसौदा भी प्रस्तावित किया है जिसमें बोर्ड परीक्षाओं के कारण होने वाली गड़बड़ियों को दूर करने की बात कही गई है एनसीईआरटी करीब 14 साल बाद राष्ट्रीय पाठ्यक्रम की रूपरेखा की समीक्षा कर रहा है वह नई रूपरेखा के साथ तालमेल नीम मूल्यांकन दिशानिर्देश तैयार करेगा मसौदे में मौजूदा मूल्यांकन प्रणाली के हानिकारक प्रभावों को हटाए जाने की बात कहीं गई है |

मसौदे के मुताबिक बोर्ड परीक्षाएं समग्र विकास को प्रोत्साहित करने वाली होगी तथा छात्र खुद की रूचि के आधार पर कई विषयों में से पसंदीदा विषय का चयन कर सकेंगे और उसी विषय में भी बोर्ड परीक्षा भी दी पाएंगे नई नीति में भारत के सभी मान्यता प्राप्त स्कूल बोर्ड के लिए एक नई नियामक संस्था बनाने की सिफारिश की गई है इस मसौदे को एचआरडी मंत्रालय ने अंतिम स्वरूप दिया है और अब मंजूरी के लिए इसे केंद्रीय कैबिनेट के सामने पेश किया जाएगा

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