लॉकडाउन में शादी मतलब 'नो बैंड, बाजा और बारात', बिना मास्क के बारात के लोगो को होगी जुर्माना

लॉकडाउन में शादी मतलब नो बैंड, बाजा और बारात, बिना मास्क के बारात के लोगो को होगी जुर्माना


लखनऊ: देश में कोरोना चल रहा है। इधर, शादी-विवाह का सीजन चल रहा है। ऐसे में शादी का मतलब है 'नो बैंड, बाजा और बारात.' कोरोना के चलते ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक है, ऐसे में कई लोग शादी का कार्यक्रम आगे के लिए टाल रहे हैं। एक-दो शादियां जो हो रही हैं, उनमें बहुत कम लोग शामिल हो रहे हैं।

एक अनुमान के मुताबिक, लखनऊ में करीब 2000 शादियाँ कैंसिल हुई हैं। जश्न मैरिज लॉन के संचालक यश पाठक का कहना है कि ज्यादातर लोग शादियां टाल रहे हैं। इस वजह से 95 फीसदी बुकिंग कैंसल हो चुकी हैं। काफी नुकसान उठाना पड़ सकता हैं बराती वालो को।

इसलिए शादी में कितने लोग शामिल हो सकते हैं, इसका फैसला स्थानीय प्रशासन ही लेगा। यह इस आधार पर होगा कि जिले में कोरोना के संक्रमण की स्थिति क्या है।

यूपी में अधिकतम 20 से 50 लोग शामिल हो सकते हैं,

यूपी में शादी-विवाह में अधिकतम 20 से 50 लोग शामिल हो सकते हैं। योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने एक अधिसूचना जारी की है जिसमें कहा गया है कि राज्य में कोई भी सार्वजनिक सभा नहीं होगी। शादी में 20 से 50 लोगों को शामिल होने की अनुमति दी गई है। महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में 10 से 20 लोगों को ही शादी के समारोह में शामिल होने की अनुमति है।

श्री लक्ष्मी बैंक्विट हॉल के मैनेजर मनोज दुबे ने बताया कि शादियां ही नहीं लोग बर्थडे, किटी पार्टी जैसे सेलिब्रेशन भी टाल रहे हैं। कुछ लोगों ने छोटे हाल जिनकी क्षमता 40-50 लोगों की है जरूर बुक करा रखे हैं। भीड़ भाड़ जगह से social distance बना के रखे। नही तो लग सकता है, भारी जुर्माना। मास्क ज़रूर लगा के बाहर निकले, अपने हाथ मे अपनी सुरक्षा।

ऋषि जयसवाल।

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