राष्ट्रीय युवा दिवस पर स्वामी विवेकानंद के विचारों पर प्रेरक व्याख्यान
ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ में राष्ट्रीय युवा दिवस 2026 के अवसर पर “स्वामी विवेकानंद के सिद्धांत एवं शिक्षाएँ: मिलेनियल्स से...
ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ में राष्ट्रीय युवा दिवस 2026 के अवसर पर “स्वामी विवेकानंद के सिद्धांत एवं शिक्षाएँ: मिलेनियल्स से जेन-ज़ेड तक” विषय पर एक आमंत्रित व्याख्यान का आयोजन विश्वविद्यालय के हाइब्रिड हॉल (द्वितीय तल) में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जैव प्रौद्योगिकी अभियांत्रिकी विभाग द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सहयोग से किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता भारत सरकार के युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय से जुड़े वक्ता एवं युवा आइकन श्री दुर्गेश त्रिपाठी रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अपने जीवन-संघर्षों का उल्लेख किया और बताया कि संकल्प, विनम्रता तथा निरंतर परिश्रम से ही लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने युवाओं से विनम्र बने रहने, कभी हार न मानने और यह समझने का आह्वान किया कि सहभागिता स्वयं में सफलता की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने युवाओं, विशेषकर जेन-जी , को उद्देश्य की स्पष्टता, आत्मअनुशासन और विकासोन्मुख दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जीवन में समग्र विकास के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारण और निरंतर प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलानुशासक डॉ नीरज शुक्ल ने स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं पर प्रकाश डालते हुए आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण और राष्ट्रसेवा के आदर्शों को रेखांकित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. नलिनी मिश्रा के स्वागत उद्बोधन से हुआ, जिसमें उन्होंने समकालीन समाज में स्वामी विवेकानंद के दर्शन की प्रासंगिकता पर बल दिया। डॉ. आर. के. त्रिपाठी ने भी अपने प्रेरक संबोधन में विद्यार्थियों से समर्पण और साहस के साथ अपने लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में कार्य करने का आह्वान किया।





