इच्छा से की गयी संगठित हिंसा पर अब जरुरी प्रहार करने का समय आ गया

इच्छा से की गयी  संगठित हिंसा पर अब जरुरी प्रहार करने का समय आ गया

सरकार को उन लोगो पर कड़ी और ठोस कारवाई करनी चाहिय जो संगठित हिंसा कर रहे है और पुरे देश को और आम आदमी का जीना हराम कर दिया है | आज कल एक बात जो सेक्युलर जगत में चर्चा का विषय है कि हिन्दू भी मकान जला रहा था और मुसलमान ने भी जलाया तो दोनों में फ़र्क नहीं करना चाहिए |

ये बात सही है दोनों ही ओर के उन सभी लोगो को पकड़ कर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत जेल भेजना चाहिए जिन्होंने इच्छा से संगठित हिंसा को अंजाम दिया है | उन लोगो ने जिन के उपर पेट्रोल बम और पथ्थरो से हमला किया और अगर दुसरे समुदाय ने अपने बचाव में पत्थर फेके तो गुनाहगार वो है जिन्होंने संगठित होकर हमला किया |

हिन्दू और मुस्लिम देख कर अपने -अपने चैनल में समाचार चला रहे पत्रकारों को भी बंद किये जाने का समय आ गया जो जान बुझकर खान साइकिल स्टोर या अमर स्टोर दिखा रहे है | कौन मारा गया और किसने मारा ये पता करने का काम सरकार का है और सजा देने का काम न्यायलय का है |

पर अब शाहीन बाग़ से प्रदर्शन भी हटा देना चाहिए क्योंकि इसने देश को फायदा नहीं हो रहा है | अगर हम देश में धर्म के आधार पर नुकसान और फायदा देखने लगेंगे तो देश का नुकसान होगा |देश में चल रहे धर्म और जाति के आधार पर चल रहे दुकानों को भी बंद कर देना चाहिए |

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