ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच जंग का आज सातवां दिन
ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच जंग का आज सातवां दिन है। इजराइली सेना ने संघर्ष के अगले चरण की घोषणा की और बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर बमबारी की। इससे...

ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच जंग का आज सातवां दिन है। इजराइली सेना ने संघर्ष के अगले चरण की घोषणा की और बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर बमबारी की। इससे...
ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच जंग का आज सातवां दिन है। इजराइली सेना ने संघर्ष के अगले चरण की घोषणा की और बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर बमबारी की। इससे पहले इजराइली सेना ने लोगों को अपने घर तुरंत खाली करने की चेतावनी जारी की थी। लेबनान के अधिकारियों के अनुसार सोमवार से अब तक कम से कम 123 लोग मारे गए, 683 घायल हुए और लगभग 90,000 लोग बेघर हो चुके हैं। ईरान युद्ध का असर दूर-दूर तक महसूस किया जा रहा है। एक तरफ जहां श्रीलंका के तट के पास एक अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरान के एक युद्धपोत को टॉरपीडो से निशाना बनाया हैं।
वहीं अज़रबैजान में एक ड्रोन के हवाई अड्डे से टकराने के बाद वहां की सरकार ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी। ईरान ने इस ड्रोन हमले से इनकार किया और इसका आरोप इजराइल पर लगाया। इसके बावजूद अज़रबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव ने ईरान पर आतंकवाद का आरोप लगाया। ईरान की ताजा मिसाइल हमलों की लहर के बाद तेल अवीव में कई धमाके हुए। आज अग्निशमन दल इजराइल के व्यावसायिक केंद्र के पास एक रिहायशी इमारत में लगी आग को बुझाने में जुटे रहे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह संभावना खारिज कर दी कि ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई अपने पिता की जगह ले सकते हैं। ट्रंप ने मोजतबा को कमज़ोर उम्मीदवार बताया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान को उनके बिना नया सुप्रीम लीडर नहीं चुनना चाहिए। उन्होंने कहा कि नए नेता के चयन में अमेरिका की भूमिका जरूरी है और बिना अमेरिका की भागीदारी के ऐसा करना वक्त की बर्बादी होगी।
इस बीच ईरान पर हमले रोकने के लिए अमेरिकी संसद में प्रस्ताव लाया गया। इसके लिए विपक्षी सांसदों ने war powers resolution लाने की मांग की लेकिन संसद में ये प्रस्ताव 212-219 से खारिज कर दिया गया। इसका मतलब है कि अब राष्ट्रपति पर तुरंत सैन्य कार्रवाई रोकने का दबाव नहीं रहेगा।
इस संघर्ष का असर खाड़ी देशों पर भी देखने को मिल रहा है। ईरान ने कई शहरों और ऊर्जा ढांचे पर हमले किए हैं। इस बीच एक वीडियो सामने आया है जिसमें एक प्रोजेक्टाइल को कुवैत के अली अल-सलेम एयर बेस के पास गिरते हुए दिखाया गया। इस एयर बेस पर काफी संख्या में अमेरिकी सैनिक तैनात रहे हैं।
गुरुवार को इससे पहले अमेरिका ने घोषणा की कि वह देश में स्थित अपना दूतावास बंद कर रहा है और खबरों के अनुसार अपने कर्मचारियों को वहां से निकाल रहा है। युद्ध शुरू होने के बाद से खाड़ी क्षेत्र के देशों में 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें कुवैत की 11 साल की एक लड़की भी शामिल है। बहरीन ने कहा कि ईरान ने राजधानी मनामा में दो होटलों और एक रिहायशी इमारत को निशाना बनाया, लेकिन किसी की मौत नहीं हुई।
सऊदी अरब ने बताया कि उसने एक एयरबेस की ओर दागी गई तीन बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया। वहीं कतर ने कहा कि गुरुवार को उसने एक मिसाइल हमले को रोक दिया। राजधानी दोहा में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं और आसमान में काला धुआं उठता दिखाई दिया। अधिकारियों के अनुसार, अबू धाबी में रोके गए एक ड्रोन के गिरते मलबे से छह लोग घायल हो गए।





