कोरोना से रोना पर किसान का रोना पर कब रोना

विश्व में फैले कोरोना वायरस की दहसत ऐसी है की पूरी दुनिया के द्वार लोगो के लिए बंद हो गए है | हालाकि ये अच्छी बात है कि लोगो में इस वायरस को लेकर काफी जागरूकता आ गयी है पर मीडिया चैनल देखने पर ऐसा लग रहा है की आप के उपर अभी कही से इस वायरस का अटैक होने वाला है और आप अपनी जगह हरिश्चन्द्र या मनिकर्नका घाट पर बुक करवा ले |

अब कोरोना वायरस ने हाथ थामने और गाड़ने का सिस्टम ही ख़त्म कर दिया है तो हम इस बात पर खुश हो ले की देखा हो इ ट्रंपवा त हाथ जोडत हौए | अब गुरु हम विश्व गुरु हो गयली | इ बात पर आज बहुते लोग खुश है पर इ जब टिविया देखीला त डर लागेला |

सरकार ने कोरोना से बचने के लिए मोबाइल रिंग टोन बना दिया है अब लोग बात से ज्यादा समय रिंग टोन सुनने में गुजार रहे है| इस बात पर कोई ध्यान नहीं की 10 रूपये का माल ३०० में बिक रहा है | चलो अर्थव्यवस्था में कुछ तो सुधार आया | मेडिकल सेक्टर उछाल पर है | सेनीटाइजर की ब्लैक मार्केटिंग में लोगो का फायदा हो रहा है |

अब जब रातो रात नयी कंपनी बन गयी है जो 10 का माल ३०० में बेच रही है सरकार विज्ञापन में खुश है | छाती चौड़ा कर गर्वोक्ति चल रही है पर पुरे लखनऊ में कही भी सरकारी महकमा लोगो को जागरूक करता या गंदगी साफ़ करता नहीं दिख रहा है |

छात्रों का मजा है और गुरु लोगो की बात ही क्या | बैठे बिठाये छुट्टी मिल गयी | अब चला घरे बैठ के मजे से पकौड़ी खा कर टीवी पर कोरोना का रोना देखा जाय | भगवानो खुश बाडन और बरखा करा के मौसम मस्त कर देले हौउअन |

अब किसानन के रोवले से का होई उनकर किस्मत में ही रोवे के लिखल बा | अब सरकार का करे जब उपर वाला ही ओनके रोवावे में लागल बा | सरकारों रोज -रोज किसान का ही समश्या सुने की कुछ विकास क बात भी करे | अब एंहन का त रोज का रोना बा केतना पैसा सरकारी खजाने में से एंही के दे देहि |

मरो क्योकिं आप की किस्मत में मरना लिखा है पर इनके मरने पर समाज रोता नहीं पर कोरोना पर रोना सब को आ रहा है क्योंकि ये रोग विकसित देश और बड़े लोगो का रोग है | विश्व भर में इसके तोड़ की खोज चल रही है और भारत भी लगा है की कोरोना से रोना न पड़े पर अपने देश के रोते हुए किसानो का वायरस कब हमपर अटैक करेगा की हम इनके रोने की भी तोड़ निकालने की कोशिश करेंगे |

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