यदि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा हठधर्मिता जारी रही तो लुआक्टा आंदोलन से पीछे नही हटेगी

डा मनोज पांडेय ,अंशु केडिया

आज दिनांक 16 मार्च 2020 को लुआक्टा कार्यकारणी के निर्णय के क्रम मेलखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा आज से प्रस्तावित परीक्षाओ का सामूहिक अवकाश पर रहते हुए शिक्षको द्वारा बहिष्कार किया गया ।

परीक्षाओ के संचालन में घोर अव्यवस्था रही तथा शासन के द्वारा परीक्षाओ के लिए जारी दिशा निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन किया गया । सूच्य है कि कोरोना महामारी से छात्रों,शिक्षको एवं जनसमान्य को सुरक्षित रखने के लिए लुआक्टा कार्यकारणी द्वारा परीक्षाओ के बहिष्कार का निर्णय लिया गया है ।

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उक्त के संबंध मे दिशा निर्देश भी जारी किया गया है ,किन्तु लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा शासन के निर्देशों का हवाला देते हुए हठधर्मिता की गई यह भी सूच्य है कि जहां एक तरफ लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा शासन के आदेशों की दुहाई दी जा रही है वही स्वयं विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा शासन के दिशा निर्देशों के विपरीत 1 मार्च के स्थान पर 16 मार्च से परीक्षाओ को संचालन किया जा रहा है एवं शासन के आदेशों की गलत व्याख्या की जा रही है और सरकार को गुमराह किया गया ।

कोरोना महामारी की चपेट में लखनऊ विश्वविद्यालय का छात्र भी शामिल है तथा इस महामारी की चपेट में आने वाले संदिग्ध लोगों की संख्या मे लगातार वृद्धि हो रही है । परीक्षाओ के संचालन के कार्य मे स्ववित्तपोषित योजना के अंतर्गत कार्य करने वाले शिक्षक भी शामिल है जिन्हें सेवा सुरक्षा का कोई लाभ प्राप्त नही है यदि उनके साथ किसी भी प्रकार की कोई दुर्घटना हो जाती है तो उनका पूरा परिवार सड़क पर आ जायेगा ।

आज की परीक्षाओं का संचालन शासन की मंशा के विपरीत उन लोगों से कराया गया जो इसके लिये योग्य नहीं है । लुआक्टा द्वारा पुनः मा उपमुख्यमंत्री जी को पत्र द्वारा कोरोना महामारी की परिस्थितियों से अवगत कराते हुए मानवमात्र की सुरक्षा के लिए परीक्षाओ के संचालन स्थगित किये जाने का आग्रह किया गया,तथा लखनऊ विश्वविद्यालय के मा कुलपति से परीक्षाओ को स्थगित करने का आग्रह किया गया एवं उनसे भी इस माहमारी से निपटने के लिए पुनः विश्वविद्यालय के निर्णय पर पुनर्विचार का आग्रह किया गया ।

आज लुआक्टा की मा कुलपति महोदय से वार्ता हुई जिसमे कोरोना महामारी से निपटने के लिए कोई व्यवस्था न होने के कारण इसके भयावहता पर गंभीरता एवं विश्वविद्यालय प्रशासन की उदासीनता पर गहरा रोष प्रकट किया गया एवं अवगत कराया गया कि परीक्षाओ का सम्पूर्ण शुल्क लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा महाविद्यालयों से ले लिया जाता है एवं महाविद्यालयों के पास संसाधनो के लिये किसी भी प्रकार का कोई धन आवंटित नही किया जाता है और न ही विश्वविद्यालय द्वारा कोई संसाधन उपलब्ध कराया जाता है, आज की परीक्षा मे कोरोना महामारी से बचाव के लिए जारी दिशा निर्देशों के अनुरुप कही भी कोई व्यवस्था उपलब्ध नहीं रही है ।

कुलपति महोदय द्वारा लुआक्टा को कोरोना महामारी से बचाव के लिए महाविद्यालयों को समस्त सुविधाओं के लिए दिशा निर्देश एवं इस पर आने वाले समस्त खर्चे का वहन परीक्षा मद से कराये जाने का आश्वासन दिया गया । लुआक्टा द्वारा मांग की गई कि विशेषज्ञ डॉक्टरो की टीम से परीक्षा केंद्रों का परीक्षण कराया जाय जब तक उक्त प्रबंध नही हो जाता तब तक परीक्षाओ का संचालन स्थगित रखा जाय , उन्हें यह भी अवगत कराया गया कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा हठधर्मिता जारी रही तो लुआक्टा आंदोलन से पीछे नही हटेगी ।

लुआक्टा अपने सभी साथियो का आभार प्रकट करती हैं जिन्होंने शासन एवं विश्वविद्यालय प्रशासन की हठधर्मिता के खिलाफ एक जुटता दिखाई इस संबंध में आगे की रणनीति पर विचार किये जाने हेतु कल दिनांक 17 मार्च 2020 को ऐ पी सेन महाविद्यालय लखनऊ मे लुआक्टा कार्यकारणी की आकस्मिक बैठक आहूत की गई है । लुआक्टा का स्पष्ट मत है कि मानवता की रक्षा की जाय तथा छात्र जो राष्ट्र के भविष्य है उनके जीवन को सुरक्षित रखा जाए ।

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