मुंबई वायु गुणवत्ता सूचकांक: खराब वायु गुणवत्ता के कारण आंखों की समस्या बढ़ रही है।

मुंबई वायु गुणवत्ता सूचकांक: खराब वायु गुणवत्ता के कारण आंखों की समस्या बढ़ रही है।



अचानक से बढ़ी आँखों की समस्या खराब वायु गुणवत्ता के कारण सरकारी एवं गैर सरकारी अस्पतालों में आखों की जलन,सूखेपन जैसी बिमारिओं से पीड़ित मरीजों की संख्यां बीते कुछ दिनों से बढ़ गई है। पिछले तीन से चार दिनों में आंखों में जलन से जुड़े मामले 15-20 फीसदी बढ़ गए हैं।एक वरिष्ठ चिकित्सक ने कहा कि खराब हवा के कारण श्वसन संबंधी समस्याओं, आंखों की बीमारियों, अस्थमा, एलर्जिक राइनाइटिस और वायुमार्ग की पुरानी सूजन सहित विभिन्न वायरल संक्रमणों में वृद्धि हुई है। उन्होंने जारी रखते हुए कहा कि आम तौर पर हम 5से 6 या इससे भी कम एक सप्ताह में नेत्र रोगी देखते थे लेकिन पिछले 3-4 दिनों से एक दिन में 8 से 10 मरीज़ देखने को मिल रहा है। उनका मानना है कि जो लोग रोज़ाना ज्यादा दूर तक सफर करते हैं, उनकी आँखें प्रदुषण के संपर्क में आने से जलन ,सूखेपन और भिन्न तरह कि समस्याओं से प्रभावित होती हैं।

आँखों पर वायु प्रदूषण का प्रभाव न्यूनतम लक्षणों से लेकर गहरी बेचैनी और आँखों में जलन तक हो सकता है। सामान्य लक्षणों में खुजली, जलन, पुरानी बेचैनी और ड्राई आई सिंड्रोम शामिल हैं।नेत्र रोग विशेषज्ञों का कहना है कि आँखों कि बीमारी चाहे वह जलन,लाल पड़ना आदि जैसे बिमारियों का तुरंत जांच करवाना और चिकित्सक द्वारा दिया गया सुझाव लागू करना चाहिए क्यूंकि लोग लगातार धुंध के संपर्क में आ रहे हैं, प्रदूषक आंखों की गुहाओं और दृष्टि को नुकसान पहुंचाने के बीच व्यवस्थित होने का एक आसान तरीका ढूंढते हैं।

वहीं और एक वरिष्ठ चिकित्सक का कहना है कि पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करना भी बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह विषाक्त पदार्थों को धोता है और आंखों में आंसू बनने में मदद करता है, जो एक महत्वपूर्ण कार्य हैI जो ड्राई आई सिंड्रोम से बचाता है और उन जलन से छुटकारा दिलाता है जो आपकी पलकों के नीचे दुबक सकती हैं। खराब गुणवत्ता वाली हवा में कार्बन मोनोऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और मोटे धूल के कण जैसी हानिकारक गैसें होती हैं, जिसके कारण अधिक लोगों को लाल और पानी वाली आंखें और विभिन्न आंखों की एलर्जी की शिकायत होती है। इसके अलावा, ऐसे कई मामले सामने आए हैं जब लोगों ने आंखों की एलर्जी के कारण अपनी दृष्टि खो दी है, जो वायु प्रदूषण के कारण हो सकती है।

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