मनाली पहुंचे पीएम मोदी, अटल टनल का करेंगे उद्घाटन.

मनाली पहुंचे पीएम मोदी, अटल टनल का करेंगे उद्घाटन.

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दस साल का इंतजार खत्म होने जा रह है। लाहौल स्पीति के लिए यह समा किसी उत्सव से कम नहीं है। दरअसल, हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में मनाली-लेह मार्ग पर सामरिक महत्व की 9.02 किलोमीटर लंबी अटल टनल का आज यानी शनिवार को हिमाचल प्रदेश के रोहतांग में उद्घाटन करेंगे। इस सुरंग के कारण मनाली और लेह के बीच की दूरी 46 किलोमीटर कम हो जाएगी। उद्घाटन समारोह के बाद पीएम मोदी लाहौल स्पीति के सीसू और सोलांग घाटी में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।

अटल टनल' का आकार घोड़े की नाल जैसा है। इसका दक्षिणी किनारा मनाली से 25 किलोमीटर की दूरी पर समुद्र तल से 3060 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है, जबकि उत्तरी किनारा लाहौल घाटी में तेलिंग और सिस्सू गांव के नजदीक समुद्र तल से 3071 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। 10.5 मीटर चौड़ी इस सुरंग पर 3.6 x 2.25 मीटर का फायरप्रूफ आपातकालीन निकास द्वार बना हुआ है। 'अटल टनल' से रोजाना 3000 कारें, और 1500 ट्रक 80 किलोमीटर की स्पीड से निकल सकेंगे।

अटल टनल रोहतांग का सामरिक महत्व

1954 से ही चीन भारत के साथ युद्ध की तैयारी कर रहा था। उसने अपने नक्शों में भारतीय सीमा का काफी भाग अधिकार क्षेत्र में दिखाया था। भारत की सीमा तक चीन ने पक्की सड़कों का निर्माण कर लिया था। अत उसे सैन्य सामान तथा रसद पहुंचाने मे कोई कठिनाई नहीं हुई। भारत की सीमा पर उसके सैनिकों का जबर्दस्त जमाव था। युद्ध की दृष्टि से चीन की स्थिति सुदृढ़ थी। चीन पहाड़ी पर था, वह ऊंचाई से नीचे मौजूद भारतीय सेना पर प्रहार कर सकता था। भारत सरकार द्वारा 1962 में भारत और चीन युद्ध के दौरान मिली हार के कारणों को जानने की कोशिश की गई तो पता लगा कि हार का कारण चीनी सीमा पर भारतीय जवानों को रसद तथा समय पर सहायता हेतु और सैनिकों का न पहुंच पाना था।

अराधना मौर्या

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