भारत के राष्ट्रपति महामहिम श्री राम नाथ कोविंद ने आज संविधान दिवस के उपलक्ष्य में नई दिल्ली से वीडियो लिंक के माध्यम से रेलवे अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ संविधान की उद्देशिका का पाठ एवं वाचन किया

भारत के राष्ट्रपति महामहिम श्री राम नाथ कोविंद ने आज संविधान दिवस के उपलक्ष्य में नई दिल्ली से वीडियो लिंक के माध्यम से रेलवे अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ संविधान की उद्देशिका का पाठ एवं वाचन किया

जनसम्पर्क विभाग, पूर्वोत्तर रेलवे, वाराणसी

वाराणसी 26 नवम्बर, 2020: भारत के राष्ट्रपति महामहिम श्री राम नाथ कोविंद ने आज संविधान दिवस के उपलक्ष्य में नई दिल्ली से वीडियो लिंक के माध्यम से रेलवे अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ संविधान की उद्देशिका का पाठ एवं वाचन किया जिसे सभी ने दोहराया ।

इसी क्रम में संविधान दिवस के अवसर पर, मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी में, मंडल रेल प्रबंधक श्री विजय कुमार पंजियार ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ, संविधान की उद्देशिका का पाठ एवं वाचन किया जिसे उपस्थित रेल अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा दोहराया गया। साथ ही भारत के संविधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने एक हस्ताक्षर पट्टिका पर अपने-अपने हस्ताक्षर भी किए । इस अवसर पर अपर मंडल रेल प्रबंधक(इन्फ्रा)श्री प्रवीण कुमार, वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी श्री सनथ जैन, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. एम.एस.नबियाल, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक श्री रोहित गुप्ता, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री संजीव शर्मा,वरिष्ठ मंडल इंजीनियर श्री राजीव अग्रवाल , वरिष्ठ मंडल सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर श्री त्रम्बक तिवारी, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर श्री एस.के.यादव, वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर(O&F) श्री अलोक केशरवानी, वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर (C&W) श्री सत्यप्रकाश श्रीवास्तव एवं वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर(कर्षण)श्री पंकज केशरवानी समेत सभी शाखाधिकारियों ने एक हस्ताक्षर पट्टिका पर अपने-अपने हस्ताक्षर किए ।

संविधान की उद्देशिका:-

"हम भारत के लोग ,भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व-संपन्न समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए,तथा उसके समस्त नागरिकों को : सामाजिक,आर्थिक और राजनैतिक न्याय,विचार,अभिव्यक्ति,विश्वास,धर्म और उपासना की स्वतंत्रता प्रतिष्ठा और अवसर की समानता प्राप्त कराने के लिए, तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिए दृढ़संकल्प होकर अपनी इस संविधान सभा में आज तारीख 26 नवम्बर,1949 ई० (मिति मार्गशीर्ष शुक्ला सप्तमी,संवत् दो हजार छह विक्रमी) को एतद् द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं ।"

इसी क्रम में वाराणसी मंडल महत्वपूर्ण स्टेशनों,यूनिटों एवं उप मंडल कार्यालयों पर भी संविधान दिवस के अवसर पर संविधान की उद्देशिका का दोहराई गयी तथा साथ ही भारत के संविधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए विभिन्न अभियान चलाये गये ।





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