ब्लड क्लॉटिंग की शिकायतों के बाद अब कोविशील्ड वैक्सीन की समीक्षा करेगा भारत....

ब्लड क्लॉटिंग की शिकायतों के बाद अब कोविशील्ड वैक्सीन की समीक्षा करेगा भारत....


कई देशों ने लोगों में खून के थक्के जमने की शिकायतों के बाद ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका द्वारा बनाई गई वैक्सीन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। भारत में भी इस वैक्सीन का इस्तेमाल हो रहा है। भारत में इसे कोविशील्ड के नाम से जाना जा रहा है और पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया इसका उत्पादन कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि भारत में अभी तक इससे खून के थक्के जमने का कोई मामला सामने नहीं आया है।

डेनमार्क, नॉर्वे, आइसलैंड ने एन्ट्राजेनेका की वैक्सीन का प्रयोग रोक दिया है। टीका लेने वाले कुछ लोगों में खून का थक्का जमने की शिकायतों के बाद एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया गया है। कोविड-19 पर भारत के नेशनल टास्क फोर्ट के सदस्य एनके अरोड़ा ने कहा, ''हम सभी प्रतिकूल घटनाओं को देख रहे हैं, खासकर गंभीर घटनाओं जैसे मौत और हॉस्पिटलाइजेशन।''

इसके अलावा तीन वर्किंग ग्रुप को भी लांच किया गया- क्वाड वैक्सीन एक्सपर्ट्स ग्रुप, क्वाड क्रिटिकल एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजी ग्रुप और क्वाड क्लाइमेट वर्किंग ग्रुप। मिडिया रिपोर्ट के मुताबिक ग्रुपिंग की पहली बैठक में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, जापान के प्रधानमंत्री योशिहिडे सुगा और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मोरिसन ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए वार्ता की।

अराधना मौर्या

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