लखनऊ जिले में असहाय और जरूरतमंद लोगों को भोजन करवाने के लिए आगे आये बीबीएयू पत्रकारिता विभाग के छात्र और सामाजिक कार्यकर्त्ता

कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए सरकार की ओर से किए गए लॉकडाउन में कोई भूखा ना सोए। इसको लेकर सामाजिक कार्यों से जुडे लोगो ने जिम्मेदारी ले रखी है।

इसके साथ ही लॉकडाउन की तिथि बढ़ने के बाद भी सामाजिक कार्यकर्ता लगातार डटे हुए हैं और बढ़-चढ़कर आगे आते हुए गरीबों तक भोजन पहुंचा रहे हैं। जिससे गरीबों को इन विपरीत परिस्थितियों में किसी प्रकार की कोई परेशानी ना होने पाए।

पानी की बोतल और खाने का पैकेट वितरित करते लोग


इब्राहिमपुर वार्ड 2 वृंदावन PGI क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अपनी टीम के साथ पिछले कई दिनों से लगातार समाजसेवा में जुटे हुए हैं।

उनके द्वारा रोजाना खाने के पैकेट तैयार कराकर उन्हें गरीबों तक पहुंचाया जा रहा है।

ये भोजन राजधानी लखनऊ के चारबाग़ रेलवे स्टेशन,आलमबाग बस स्टैंड, आलमबाग चौराहा,तेलीबाग चौराहा और अन्य स्थानों पर वितरित किये जा रहे हैं।

इस कार्य में मुख्यरूप से समाजसेवी रूपेश यादव (छात्र-अंबेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ) , अजीत यादव , प्रदीप यादव , अनुज यादव , एडवोकेट प्रदीप यादव आदि शामिल हैं।


लखनऊ के समाजसेवी रुपेश यादव (छात्र-BBAU,लखनऊ) ,अजीत यादव , प्रदीप यादव , एडवोकेट प्रदीप यादव का है प्रयास 'लखनऊ में कोई भूखा ना सोने पाए'।

बचपन एक्सप्रेस संवाददाता से बातचीत में रुपेश ने बताया कि वे लोग लगातार ७ दिन से लखनऊ के विभिन्न हिस्सों में जरूरतमंदों तक खाना और मदद पंहुचा रहे है |



लोगो को खाना देते समाज सेवी रुपेश और उनके साथी


जब इस करोना जैसे महामारी में लोगो को दो वक़्त की रोटी ठीक से नहीं मिल पा रही है उस समय हमारी टीम के माध्यम से हर रोज़ ज़रूरतमंद लोगों के लिए भोजन तैयार करके उनके तक पहुंचाया जाता है ।

लखनऊ में इस कोरोना महामारी के समय बहुत सारे लोगो ने आगे आकर समाज के वंचित लोगो के लिए मदद की पेशकश की है और लोग अपने घरो से निकल कर मदद भी कर रहे है | बीबीएयू के पत्रकारिता विभाग के छात्र रुपेश और उनके साथी अजीत यादव , प्रदीप यादव , एडवोकेट प्रदीप यादव ने इस महामारी में लोगो की मदद कर समाज में लोगो को एक नया सन्देश देने का प्रयास किया है |

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