पंछी उड़ चला नए घरोंदे बसाने, एनडीटीवी से रवीश कुमार का इस्तीफा

पंछी उड़ चला नए घरोंदे बसाने, एनडीटीवी से रवीश कुमार का इस्तीफा


पत्रकारिता जगत में आज ऐतिहासिक दिन था जाने-माने पत्रकार रवीश कुमार ने एनडीटीवी से अपना नाता तोड़ इस्तीफा दे दिया है पत्रकारों से बात करते हुए भावुक रवीश कुमार ने कहा कि वह अपना नया आशियाना ढूंढ लेंगे।

अभी कल ही बोर्ड ऑफ डायरेक्टर से प्रणव रॉय और राधिका राय ने इस्तीफा दिया था और जैसा सभी को लग रहा था कि सबसे पहला विकेट रवीश कुमार का गिरेगा और उन्होंने अपनी साख बचाते हुए हटाए जाने से पहले अपना इस्तीफा दे दिया।

भारत में पत्रकारिता के स्तर को इसी हिसाब से आप समझ सकते हैं की कदर जैसे छोटे से देश में भी इंटरनेशनल चैनल अल जजीरा है पर इतना बड़ा पत्रकारिता जगत होते हुए भी भारत में कोई विश्व स्तरीय पत्रकारिता केंद्र नहीं है।

एनडीटीवी ने पत्रकारिता जगत में अपनी अलग पहचान बनाई थी और उसे विश्वसनीयता के दम पर चला रही थी पर शायद धन विश्वसनीयता से ज्यादा बड़ा हो गया और एनडीटीवी बिक गया।

भारत रवीश कुमार की नहीं है बल्कि पत्रकारिता मैं पूंजीवादी दखल की है जहां बड़े-बड़े पूंजीवादी लोग विभिन्न पत्रकारिता संस्थानों को अपने चंगुल में किए जा रहे हैं और आने वाले समय में स्वतंत्र आवाज का निकलना, निखरना बंद हो सकता है।

एनडीटीवी का अंत दिखाई पड़ रहा था इसलिए रवीश कुमार ने जनता से संवाद करने के लिए अपना यूट्यूब चैनल बना लिया था और अब ट्वीट करके उन्होंने कहा भी है कि हमारा नया पता यही है और जनता की आवाज यहीं से उठेगी।


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