भारतीय नौसेना में शामिल स्कोर्पिन क्लास सबमरीन, नौसेना की ताकत में इजाफा...
भारतीय नौसेना की समुद्री ताकत में इजाफा हुआ है. तीसरी स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बी आइएनएस करंज को आज नौसेना के जंगी बेड़े में शामिल किया गया है।...

भारतीय नौसेना की समुद्री ताकत में इजाफा हुआ है. तीसरी स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बी आइएनएस करंज को आज नौसेना के जंगी बेड़े में शामिल किया गया है।...
भारतीय नौसेना की समुद्री ताकत में इजाफा हुआ है. तीसरी स्कॉर्पीन श्रेणी की पनडुब्बी आइएनएस करंज को आज नौसेना के जंगी बेड़े में शामिल किया गया है। नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह और एडमिरल वीएस शेखावत की मौजूदगी में करंज को भारतीय नौसेना में शामिल कराया गया. नौसेना पहले ही इस श्रेणी की दो पनडुब्बियों- आइएनएस कलवरी और आइएनएस खंदेरी को इसी शिपयार्ड से अपने बेड़े में शामिल कर चुकी है.
'साइलेंट किलर' नाम से ईएनएस करंज को मेक इन इंडिया अभियान की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है, क्योंकि कलवरी क्लास की ये तीसरी सबमरीन जब अपने मिशन पर रहती है, तो कोई आवाज़ नहीं करती है. ये सबमरीन दुश्मन के इलाके में होगी, उसे नेस्तानाबूद कर रही होगी, तब कोई आवाज़ नहीं आएगी. साथ ही बिना रडार की पकड़ में आए ये दुश्मन को नुकसान पहुंचा सकती है. यही कारण है कि लंबे वक्त तक पानी में रहकर ये सबमरीन भारती नौसेना को समुद्र में मजबूत करेगी.
डीआरडीओ आइएनएस करंज पनडुब्बी को भारतीय नौसेना में शामिल किये जाने के एक दिन पहले मुंबई में एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन तकनीक का सफल परीक्षण किया. इस परीक्षण को नौसेना की ताकत में इजाफा करनेवाला बड़ा कदम माना जा रहा है. यह तकनीक भारतीय पनडुब्बियों को समुद्र के भीतर और भी अधिक घातक बना देगी.
अराधना मौर्या





