महा शिव रात्रि की हार्दिक शुभकामनाये :बचपन एक्सप्रेस

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महा शिव रात्रि की हार्दिक शुभकामनाये :बचपन एक्सप्रेस
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महाशिव रात्रि व्रत का पालन फाल्गुन मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को किया जाता है। इस बार यह पावन पर्व 11 मार्च को मनाया जाएगा। जो कि 12 मार्च सुबह 8: 29 बजे तक रहेगा।

हिंदू पंचांग के अनुसार जब शिवरात्रि त्रिस्पृशा अर्थात त्रयोदशी, चतुर्दशी और अमावस्या के स्पर्श से युक्त होती है, तो उस शिवरात्रि को सबसे उत्तम शिवरात्रि मानी जाती है|

इस बार की महाशिवरात्रि के दिन अर्थात 11 मार्च को प्रात:काल त्रयोदशी और दोपहर 2.39 के पश्चात चतुर्दशी तिथि है.शिव योग में किए गए सभी मंत्र शुभफलदायक होते हैं।महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव का विवाह माता पार्वती के साथ हुआ था। इसलिए इस दिन उनके विवाह का उत्सव मनाया जाता है।

यह व्रत सभी वर्णो की स्त्री- पुरुष और बाल, युवा, वृद्ध के लिए मान्य है। शिवरात्रि व्रत सब पापों का शमन करने वाला है।

इससे सदा सर्वदा भोग और मोक्ष की प्राप्ति होती है। शिव पूजन में स्नान के उपरान्त शिवलिंग का अभिषेक जल, दूध,दही घृत, मधु, शर्करा (पंचामृत) गन्ने का रस चन्दन, अक्षत, पुष्पमाला, बिल्व पत्र, भांग, धतूरा इत्यादि द्रव्यों से अभिशेक विशेश मनोकामनापूर्ति हेतु किया जाता है एवं ''ऊँ नमः शिवाय'' मंत्र का जाप करना चाहिए। शिवरात्रि में प्रातः एवं रात्रि में चार प्रहर की शिव पूजन का विशेष महत्व है |


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