भारत की स्थिति को देखते हुए सभी देशों ने मांगी दुआएं तथा सहायता करने का स्वयं दिया प्रस्ताव...

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भारत की स्थिति को देखते हुए सभी देशों ने मांगी दुआएं तथा सहायता करने का स्वयं दिया प्रस्ताव...
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भारत में कोरोनावायरस खतरनाक हो चुका है और हर दिन वायरस के लगभग तीन लाख से ज्यादा मामले दर्ज किए जा रहे हैं। जहां पर भारत में प्रतिदिन 2000 से ज्यादा लोगों की जान भी जा रही है। आपको बता दें कि वायरस की पहली लहर में पूरी दुनिया में एकमात्र भारत ही था जिसने सबसे पहले इस वायरस के संक्रमण पर रोक लगाई थी परंतु दूसरी लहर में भारत के हालात कुछ इस तरह है, कि सभी देशों ने भी संवेदनाएं व्यक्त करना शुरू कर दिया है और भारत का साथ देने के लिए स्वयं आगे आ रहे हैं।भारत में अधिकतर मरने वालों की संख्या ऑक्सीजन की वजह से बढ़ती जा रही है। जिसके बाद सभी देश के प्रधानमंत्री समेत बड़े नेता भारत के लिए लगातार दुआएं कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वजह से इस्राएल और भारत की दोस्ती हमेशा जाने जाती है, इसीलिए भारत को लेकर इजरायल की जनता भगवान से प्रार्थना करती नजर आ रही है। इजरायल में भारत के लिए संवेदनाएं प्रकट की जा रही हैं। इजरायल के ऑफिसिलय ट्विटर हैंडल पर भारत के लिए प्रार्थना करते हुए लिखा गया है कि हम कोरोना के खिलाफ अपने अच्छे दोस्त भारत के साथ खड़े हैं। इजरायल ने भारत के लिए दुआएं मांगते हुए कहा है कि अंधकार रूपी सुरंग के अंत में प्रकाश है।

इतना ही नहीं कोरोनावायरस संकट में भारत की मदद करने के लिए फ्रांस पूरी ताकत के साथ खड़ा नजर आ रहा है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि हम सभी इस वक्त भारत के साथ हैं और भारत के लिए प्रार्थनाएं कर रहे हैं। इसके साथ ही फ्रांस सरकार ने भारत को मदद करने का आश्वासन दिया है। फ्रांस के राष्ट्रपति ने ट्वीट कर कहा कि 'मैं कोरोना का सामना कर रहे भारतीय लोगों के साथ एकजुट होकर साथ आने का संदेश देता हूं। मैं भारत के लोगों से कहना चाहता हूं कि इस विकट परिस्थिति में मैं आपके साथ हूं। हम हर तरह से भारत की मदद करने के लिए तैयार हैं।

वहीं दूसरी तरफ अमेरिका के प्रधानमंत्री ने भी भारत की पूर्ण मदद करने को कहा है। अमेरिका के डेमोक्रेटिक सांसद एड मार्के ने बाइडेन प्रशासन से भारत की मदद करने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका को चाहिए कि वो फौरन भारत की मदद करे। सीनेट मार्को ने कहा कि इस वक्त अमेरिका में वैक्सीन काफी ज्यादा मात्रा में है लेकिन अमेरिका भारत की मदद करने से इनकार कर रहा है। सीनेट मार्को ने जो बाइडेन प्रशासन से अपील की है कि संकट की इस घड़ी में अमेरिका अपने संसाधनों के साथ भारत की मदद करे और अमेरिका का ये नैतिक दायित्व भी है। आपको बता दें कि कोरोना के दूसरे लहर के दौरान अमेरिका का रवैया भारत को लेकर नकारात्मक रहा है। अमेरिका ने कोरोना वैक्सीन बनाने का रॉ-मैटेरियल की सप्लाई रोक रखी है, जिसका असर आने वाले वक्त में वैक्सीनेशन पर पड़ सकता है।है।

आपको बता दें कि भारत में इस समय सार्वजनिक महत्व सीजन की कमी के कारण हो रही है, जिसके बाद भारत के सबसे पुराने दोस्त ने भारत में ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए भारत सरकार के सामने ऑक्सीजन और रेमडेसिवीर इंजेक्शन देने की पेशकश की है। एक रिपोर्ट के मुताबिक अगल 15 दिनों में भारत में रेमडेसिवीर इंजेक्शन आना शुरू हो जाएगा। रूस ने भारत से कहा है कि वो हर हफ्ते 3 लाख से 4 लाख रेमडेसिवीर इंजेक्शन की डोज भारत को आपूर्ति कर सकता है और अगर भारत को और ज्यादा जरूरत होगी तो रूस आपूर्ति बढ़ाने की और कोशिश करेगा। अन्य देशों द्वारा भारत के लिए सहायता प्रदान करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी देशों का शुक्रिया अदा अदा किया इसी के साथ उन्होंने सिंगापुर समेत जर्मनी से भी ऑक्सीजन प्लांट मंगवाना शुरू कर दिया है।

नेहा शाह

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