प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले- एक भी वैक्सीन नुकसान होने का मतलब एक जीवन को सुरक्षा न दे पाना।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले- एक भी वैक्सीन नुकसान होने का मतलब एक जीवन को सुरक्षा न दे पाना।
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देश की मौजूदा स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को एक बार फिर स्थिति का जायजा लेने के लिए अलग-अलग जिलों के जिला अधिकारियों समेत 10 मुख्यमंत्रियों की वर्चुअल बैठक बुलाई है।

इस बैठक की शुरुआत गुरुवार दोपहर 11 से हुई थी जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोरोना महामारी पिछले 100 सालों में सबसे बड़ी आपदा है और कोरोनावायरस महामारी ने आपके सामने चुनौतियां और बढ़ा दी हैं।

उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि पिछली महामारियां हों या फिर ये समय, हर महामारी ने हमें एक बात सिखाई है, महामारी से ढील करने के हमारे तौर-तरीकों में निरंतर बदलाव, निरंतर प्रयोग बहुत जरूरी है। यह वायरस म्यूटेशन में, स्वरूप बदलने में माहिर है, तो हमारे तरीके और रणनीतियां भी विस्तृत होनी चाहिए।

इतना ही नहीं उन्होंने जिलाधिकारियों से कहा कि आप जिलों में सबसे बड़े योद्धा के रूप में कार्य करते हैं, हमें गांव-गांव यही संदेश पहुंचाना है कि हमें अपने गांव को कोरोना फ्री रखना है, हमें लंबे समय तक जागरूकता बनाए रखना है।

वर्चुअल मीटिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैक्सीन की जरूरतों पर भी प्रकाश डालते हुए चिंता जताई और कहा कि इसे रोकना बेहद जरूरी है। एक भी वैक्सीन वेस्टेज होने का मतलब है एक जीवन को जरूरी सुरक्षा कवच नहीं दे पाना, इसलिए वैक्सीन वेस्टेज रोकना बेहद जरूरी है।

उन्होंने युवाओं और बच्चों पर वायरस के खतरे को लेकर कहा कि वायरस के म्यूटेशन की वजह से युवाओं और बच्चों के लिए चिंता जताई जा रही है। मैं आपसे गुजारिश करता हूं कि आप अपने जिलों में युवाओं और बच्चों में संक्रमण से जुड़े आंकड़े इकट्ठा करें और उसकी लगातार समीक्षा करते रहे।

नेहा शाह

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