योग शारीरिक व् मानसिक व्याधियों से मुक्ति का मार्ग है
अंतराष्ट्रीय योग दिवस पर शहर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है इसी कड़ी में बी बी ए यू में कई आयोजन हुए | बी बी ए यू वैलनेस सेंटर की योग...

अंतराष्ट्रीय योग दिवस पर शहर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है इसी कड़ी में बी बी ए यू में कई आयोजन हुए | बी बी ए यू वैलनेस सेंटर की योग...
अंतराष्ट्रीय योग दिवस पर शहर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है इसी कड़ी में बी बी ए यू में कई आयोजन हुए | बी बी ए यू वैलनेस सेंटर की योग प्रशिक्षिका पूनम शर्मा ने ऑनलाइन योग प्रशिक्षण का आयोजन किया जिसमे भारी संख्या में लोगो ने भाग लिया|
योग के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा की इससे न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य लाभ भी होता है |
उन्होंने आगे बताया की योग को किसी समय सीमा में बाँधा नहीं जा सकता क्योकि योग के जनक आदि योगी भगवान शंकर है जिनकी विभिन्न योगिक मुद्राएं आज भी करोड़ों लोगों की प्रेरणा का स्रोत है|
भारत में योग के कई रूपों का वर्णन भगवत गीता में भी मिलता है जहां कर्म योग की साधना का आह्वान भगवान श्रीकृष्ण करते हैं|
इसी तरह मध्यकालीन भारत में भक्ति योग के माध्यम से तुलसी ,कबीरऔर सूरदास ने सनातन धर्म को आधार दिया और लोगों के अंदर आत्म गौरव का भाव भरा |
आधुनिक युग के योग प्रणेता महर्षि पतंजलि को माना जाता है जिन्होंने अपने पुस्तक योग सूत्र में अष्टांग योग के बारे में बताया है |
योग प्रशक्षिका पूनम शर्मा ने बताया कि किस तरह यौगिक क्रियाओं के माध्यम से अपने शारीरिक व मानसिक विकारों को दूर किया जा सकता है|
इस ऑनलाइन योगा सत्र में भाग लेने वाले लोगों ने योग प्रशिक्षिका से कई तरह के सवाल किए जिसे उन्होंने विभिन्न योग क्रियाओं ,आसन, नियम, प्राणायाम के माध्यम से ठीक करने का तरीका बताया|
इस ऑनलाइन सत्र में बीबीएयू के हेल्थ सेंटर के इंचार्ज प्रोफेसर बी एन दुबे और अन्य शामिल थे |





