अफगानिस्तान के तालिबानी आतंकवादियों ने भारत के जर्नलिस्ट दानिश सिद्दीकी के साथ किया क्रूर व्यवहार शरीर पर थे चोट के निशान

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अफगानिस्तान के तालिबानी आतंकवादियों ने भारत के  जर्नलिस्ट दानिश सिद्दीकी के साथ किया क्रूर व्यवहार शरीर पर थे चोट के निशान
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कुछ दिनों पहले अफगानिस्तान में तालिबान आतंकवादी संगठन द्वारा भारत के मशहूर पत्रकार दानिश सिद्दीकी की हत्या की खबर आई थी। बता दें कि भारत सरकार द्वारा दानिश को पुलित्‍जर पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया जा चुका है और दानिश मीडिया जगत के जाने-माने फोटो जर्नलिस्ट थे।

बता दें कि आधिकारिक सूत्र से बताया जा रहा है कि दानिश की हत्या तालिबान द्वारा बेहद बुरी तरीके से की गई है। उनका शव बुरी तरह क्षत विक्षत था। सिद्दीकी को 2018 में समाचार एजेंसी रॉयटर्स के लिए काम करने के दौरान पुलित्जर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था और 16 जुलाई को पाकिस्तान की सीमा से लगते अफगानिस्तान के कस्बे स्पीन बोल्दक में उनकी हत्या कर दी गई थी। हत्या के समय वह अफगान विशेष बल के साथ थे।

गौरतलब है कि घटना स्थल की तस्वीरें देखकर पता चलता है कि उनके शरीर पर चोट के निशान भी मौजूद थे। लेकिन उसी दिन जब उनका शव रेड क्रॉस को सौंपा गया और कंधार के एक अस्‍पताल में ले गया तो उस दौरान शव बुरी तरह से क्षत विक्षत था. यह दावा वहां मौजूद दो भारत अफसरों और दो अफगानी स्‍वास्‍थ्‍य अफसरों के हवाले से कहा गया है|

न्यूयॉर्क टाइम्स की मानें तो अगले साल में मौजूदा भारतीय अफसरों और अफगानी स्‍वास्‍थ्‍य अफसरों की ओर से मुहैया कराई गई तस्‍वीरों का कई बार अध्‍ययन किया है। इसमें यह बात सामने आई है कि दानिश का शव बुरी तरह से क्षत विक्षत किया गया था। एक भारतीय अफसर का यह भी कहा है कि दानिश के शरीर पर गोलियों के एक दर्जन से अधिक निशान थे। साथ ही उसके चेहरे और सीने पर टायर के निशान भी थे।

आपको बता दें कि स्वास्थ्य अफसरों द्वारा बताया गया है कि दानिश का शव शहर के मुख्‍य अस्‍पताल में रात 8 बजे पहुंचा था। उस दौरान भी उनके शरीर पर प्रेस लिखी जैकेट थी। लेकिन उनका चेहरा पहचानना मुश्किल था। उनका कहना है कि वह पहले समझ नहीं पाए थे कि शव के साथ क्‍या कुछ किया गया है।

नेहा शाह

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