भगवान श्रीहरि को समर्पित अनंत चतुर्दशी नौ सितंबर को........
अनंत भगवान श्रीहरि को समर्पित भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी का मान अनंत चतुर्दशी का है। यह व्रत-पूजन पर्व इस बार नौ सितंबर को पड़ रहा है। भाद्रपद शुक्ल...

अनंत भगवान श्रीहरि को समर्पित भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी का मान अनंत चतुर्दशी का है। यह व्रत-पूजन पर्व इस बार नौ सितंबर को पड़ रहा है। भाद्रपद शुक्ल...
अनंत भगवान श्रीहरि को समर्पित भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी का मान अनंत चतुर्दशी का है। यह व्रत-पूजन पर्व इस बार नौ सितंबर को पड़ रहा है। भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी तिथि आठ सितंबर को रात 7.42 बजे लग रही है जो नौ सितंबर को शाम 5.35 बजे तक रहेगी। शास्त्र के अनुसार अनंत चतुर्दशी में उदय व्यापिनी तिथि ली जाती है। पूर्णिमा का सहयोग होने से इसमें शुभ फल की विशेष वृद्धि मानी जाती है।इस बार अनंत चतुर्दशी रवि योग में पड़ रही जो इसे और भी विशेष बना रही है।
ज्योतिषाचार्य पं. ऋषि द्विवेदी के अनुसार तिथि विशेष पर प्रातः स्नान आदि करके व्रत का संकल्प लेना चाहिए। निवास स्थान को स्वच्छ व सुशोभित कर चौकी को मंडप रूप में सज्जित करना चाहिए। उसमें भगवान की सात फणों वाली शेष स्वरूप भगवान अनंत की मूर्ति स्थापित करनी चाहिए।
उसमें भगवान की सात फणों वाली शेष स्वरूप भगवान अनंत की मूर्ति स्थापित करनी चाहिए। उनके आगे 14 गांठ का अनंत दोरख रखकर आम्र पल्लव,गंध, पुष्प, धूप, दीप और नैवेद्य से पूजन करना चाहिए।





