कोरोना बढ़ते मामलों के कारण देश के 150 जिलों में लग सकता है लॉकडाउन......
दिल्ली, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में लॉकडाउन के बावजूद देश में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों और मौतों का आंकड़ा भयावह तरीके से हर रोज बढ़ रहा है....

दिल्ली, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में लॉकडाउन के बावजूद देश में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों और मौतों का आंकड़ा भयावह तरीके से हर रोज बढ़ रहा है....
दिल्ली, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में लॉकडाउन के बावजूद देश में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों और मौतों का आंकड़ा भयावह तरीके से हर रोज बढ़ रहा है. ऐसे में अब कई और जिलों पर भी लॉकडाउन का खतरा मंडराने लगा है. स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय का मानना है कि अगर जल्द ही इन जिलों में राज्य की सलाह से लॉकडाउन नहीं लगाया गया, तो कोविड-19 संक्रमण के नए मामलों का बोझ और बढ़ सकता है.
इस संदर्भ में मंत्रालय ने एक प्रस्ताव भेजकर कहा है कि जिन 150 जिलों में 15 फीसदी से ज्यादा पॉजिटिविटी रेट है, वहां जरूरी सेवाओं में छूट देकर लॉकडाउन लगाना होगा अन्यथा स्वास्थ्य प्रणाली पर बहुत ज्यादा बोझ बढ़ जाएगा.
आपको बता दें कि केंद्र स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को एक हाईलेवल मीटिंग में इस बात को कहा था लेकिन राज्य सरकारों के सलाह के बाद केंद्र अपना आखिरी फैसला लेगा. बताया जा रहा है कि इस प्रस्ताव को और संशोधित किया जा सकता है. सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ऐसे जिले जहां संक्रमण की दर अधिक है वहां कोरोना की रफ्तार रोकने के लिए ऐसे कदम उठाए जाने जरूरी हैं.
कुछ हफ्ते का लॉकडाउन लगाए जाने से कोरोना के चेन को ब्रेक किया जा सकता है. बता दें कि बीते 24 घंटों में देश में कोरोना के जो नए मामले सामने आए हैं उनमें से 69.1 फीसद मामले सर्वाधिक प्रभावित दस राज्यों के हैं. इन राज्यों में महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, दिल्ली कर्नाटक, केरल, छत्तीसगढ़, बंगाल, तमिलनाडु, गुजरात और राजस्थान हैं। महाराष्ट्र में सबसे अधिक नए मामले 48,700 दर्ज किए गए हैं। इसके बाद उत्तर प्रदेश में 33,551 मामले सामने आए।
अराधना मौर्या





