बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान को दिया जाएगा 2020 गांधी शांति पुरस्कार...
शेख मुजीबुर रहमान बांग्लादेश के प्रथम राष्ट्रपति बने और बाद में प्रधानमंत्री भी बने. वे शेख मुजीब के नाम से भी प्रसिद्ध थे. उन्हें बंगबन्धु की पदवी से...

शेख मुजीबुर रहमान बांग्लादेश के प्रथम राष्ट्रपति बने और बाद में प्रधानमंत्री भी बने. वे शेख मुजीब के नाम से भी प्रसिद्ध थे. उन्हें बंगबन्धु की पदवी से...
शेख मुजीबुर रहमान बांग्लादेश के प्रथम राष्ट्रपति बने और बाद में प्रधानमंत्री भी बने. वे शेख मुजीब के नाम से भी प्रसिद्ध थे. उन्हें बंगबन्धु की पदवी से सम्मानित किया गया. बांग्लादेश की मुक्ति के तीन वर्ष के अन्दर ही 15 अगस्त, 1975 को उनकी हत्या कर दी गई. संस्कृति मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक बांग्लादेश के शेख मुजीबुर रहमान को वर्ष 2020 का गांधी शांति पुरस्कार दिया जायेगा.
शेख मुजीबुर रहमान बांग्लादेश के संस्थापक नेता और महान अगुआ एवं प्रथम राष्ट्रपति थे. उन्हें बंगलादेश का जनक कहा जाता है. शेख मुजीबुर रहमान अवामी लीग के अध्यक्ष थे और उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ सशस्त्र संग्राम की अगुवाई करते हुए बांग्लादेश को मुक्ति दिलाई थी. उनकी दो बेटियों में एक शेख हसीना तख्तापलट के बाद जर्मनी से दिल्ली आईं और 1981 तक दिल्ली में रहीं तथा 1981 के बाद बांग्लादेश जाकर पिता की राजनैतिक विरासत को संभाला.
Gandhi Peace Prize for the year 2020 is being conferred on Bangabandhu Sheikh Mujibur Rahman: Ministry of Culture
— ANI (@ANI) March 22, 2021
Gandhi Peace Prize is an annual award instituted by Government of India since 1995, the 125th Birth Anniversary commemoration year of Mahatma Gandhi.
संस्कृति मंत्रालय के अनुसार, इस पुरस्कार को बांग्लादेश के पूर्व नेता को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली एक जूरी समिति द्वारा इस महीने की शुरुआत में देने के लिए चयन किया गया था. यह पुरस्कार पट्टिका के अलावा 1 करोड़ रुपये का नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र प्रदान करता है. जानकारी के लिए बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बांग्लादेश की स्वतंत्रता की स्वर्ण जयंती और बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की जन्म शताब्दी समारोह में शामिल होने के लिए 26 मार्च को ढाका जाने वाले हैं.
अराधना मौर्या





