प्रख्यात ज्योतिषाचार्य पंडित ऋषि दिवेदी के अनुसार साल 2023 का राशिफल

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प्रख्यात ज्योतिषाचार्य पंडित ऋषि दिवेदी के अनुसार साल 2023 का राशिफल
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प्रख्यात ज्योतिषाचार्य पंडित ऋषि दिवेदी के अनुसार। .....राशिफल


मेष इस राशि वालों के लिए यह वर्ष अनुकूल रहेगा दैनिक व्यवसाय में लाभ बेरोजगारों को नौकरी तो सरकारी नौकरी वालों को प्रमोशन आदि के योग बनेंगे अप्रैल से बहुप्रतीक्षित कार्य भाग्य बल से पूर्ण होते नजर आएंगे छात्रों के लिए भी यह साल बहुत उपयुक्त रहेगा अविवाहित उनके विवाह के योग व ने संतानों को संतान प्राप्ति की राह देव गुरु बृहस्पति प्रशस्त करेंगे लेकिन श्वास रोग उदर विकार आदि हो सकता है वाहन आदि के योग बनेंगे लेकिन इसे संभाल कर चलाएं दौड़-धूप की अधिकता वर्षांत में देखने को मिलेगी माता-पिता का स्वास्थ्य बाधा युक्त रहेगा मान सम्मान में वृद्धि होगी शुभ फल प्राप्ति के लिए मंगलवार व्रत हनुमान जी का दर्शन बजरंग बाण हनुमान चालीसा का पाठ करें|

तुला : उतरती शनि की अढैया के कारण 17 जनवरी तक स्वास्थ्य, मान-सम्मान के प्रति इस राशि वालों को अति सावधान रहने की आवश्यकता है। किसी बड़े निर्णय से दूरी बना कर रखें। 17 जनवरी के बाद शनि की अढैया से मुक्तिपरांत शत्रुओं का पराभव, मन की शांति तथा सभी तरह के कार्यों में सफलता के योग बनेंगे। अप्रैल के अंत से देव गुरु बृहस्पति के राशि परिवर्तन के साथ ही यह वर्ष तुला राशि वालों के लिए चतुर्दिक उत्कर्षदायक रहेगा। परिवार में मांगलिक कार्य, भूमि-भवन, वाहन के क्रय का योग, शेयर-सट्टा में लाभ, आर्थिक समृद्धि के विशेष योग बनेंगे। बाहरी संबंधों से लाभ तथा धार्मिक यात्राएं करनी पड़ेगी। दापत्य जीवन मधुर बना रहेगा। संतान पक्ष की • उन्नति होगी। लेकिन माता को स्वास्थ्य संबंधित कुछ समस्याएं देखने को मिलेंगी। मित्रों, साथियों व परिवार को भरपूर सहयोग मिलेगा। इस वर्ष प्रत्येक शुक्रवार को गो सेवा या गो माता को खिलाने से लाभ प्राप्त होगा।

वृश्चिक : इस राशि पर वर्ष के पूर्वार्द्ध 17 जनवरी से स्थ्य बाधा युक्त बजरंग बाण, हनुमान चालीसा शनि की ढैया प्रारंभ होने से व्यर्थ की भागदौड़, अकारण वाद-विवाद, न्यायालयी कार्यों में व्यवधान उत्पन्न होने से मन व्यथित रहेगा। व्यावसायिक कार्यों में उतार-चढ़ाव, दांपत्य जीवन में वैचारिक मतभेद से कष्ट संभव है। नौकरी-पेशा वालों को सजगता से कार्य करने चाहिए। आय-व्यय का तालमेल बिगड़ने से मन अशांत रहेगा। किसी नजदीकी व्यक्ति की मृत्यु से मन दुखी रहेगा। शेयर सट्टा से दूरी श्रेयस्कर होगी। वर्षांत में राहु-केतु के राशि परिवर्तन के साथ ही आय में अकस्मात वृद्धि, अविवाहितों को वैवाहिक योग एवं निसंतानों को संतान प्राप्ति के योग बनेंगे। शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए पीपल के नीचे दीपदान, हनुमान जी का दर्शन-पूजन आदि करने से शनि की अनिष्टता में कमी आएगी।

धनु : नया साल इस राशि वालों के लिए फलदायी होगा। 17 जनवरी को चली आ रही शनि का साढ़े साती से मुक्ति मिलेगी। भू- भवन, वाहन के योग बनेंगे। शत्रु का पराभव, न्यायालयी कार्यों में विजय मिलेगी। छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलेगी। परिवार में मांगलिक से लाभ। जीवन कार्य आदि होंगे। आर्थिक स्थित सुदृढ होगी। शेयर-सट्टा में लाभ, अकस्मात धन की प्राप्ति, पराक्रम भाव में बैठा शनि चतुर्दिक लाभ का योग से जुड़े लोगों बनाएगा तो पराक्रम के बल पर रुके हुए सभी कार्यों में सफलता दिलाने वाला होगा। • अप्रैल से पंचमस्थ बृहस्पति प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता, वैवाहिक जीवन तथा व्यावसायिक प्रसन्न करने पार्टनर से तारतम्यता बनने से अच्छे लाभ के संयोग बनेंगे। भगवान बृहस्पति की आराधना करने से वर्ष सुखमय व्यतीत होगा।


वृष: इस राशि के जातकों के लिए यह वर्ष निश्चित फलदायी होगा। वर्ष के पूर्वार्द्ध में आर्थिक स्थिति सुदृद्ध होगी। बकाया धन प्राप्ति के बाद आर्थिक योजनाओं मै मनोनुकूल सफलता प्राप्त होगी। बेरोजगारो को रोजगार, नौकरी पेशा वालों को प्रमोशन- ट्रांसफर के योग बनेंगे। बाहरी संबंधों से लाभ, शत्रु पक्ष प्रभावी होंगे। वाद-विवाद से सावधान, कोर्ट कचहरी में चल रहे पुराने मामलों में विजय मिलेगी। मन को नियंत्रित करें। दुविधावी मन से वर्षांत में बने बनाए कार्यों में विघ्न बाधा उत्पन्न होगी। धार्मिक व दूर की यात्रा शेयर सट्टा से लाभ जीवन साथी व बिजनेस पार्टनर सेतारतम्यता बनने से मन प्रसन्न रहेगा। राजनीतिसे जुड़े लोगों को विशेष होगा। लाभ होगा। शुक्र को प्रसन्न करने को गो माता को हरी चीजें खिलानी चाहिए।

मिथुन: इस राशि वालों के लिए उतरती ढैया में 17 जनवरी तक चतुर्दिक सावधान रहने की आवश्यकता है। इससे पूर्व किसी महत्वपूर्ण कार्य को करने से बचे। दया उत्तर जाने के बाद वर्ष पर्यंत मानसिक क्लेश, मानसिक अशांति से धीरे-धीरे मुक्ति मिलेगी। भूमि-भवन, वाहन के क्रय-विक्रय से लाभ, शत्रुओं पर 'विजय के साथ न्यायालयीय कार्यों में सफलता मिलेगी। अविवाहितों के वैवाहिक योग, निसतानों को संतान प्राप्ति, छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में प्रतियोगी परीक्षाओं न में सफलता के योग बनेंगे। वर्ष के उत्तरार्द्ध में अनावश्यक खर्च से मन अशांत रहेगा। वैवाहिक व प्रेम जनव संबंधों में अनंबन की स्थिति बनती नजर आएगी। बिजनेस पार्टनर से तालमेल रखें। शेयर सट्टा से दूरी आने बनाएं। इस वर्ष भगवान गणेश का दर्शन-पूजन, आराधना व हर बुधवार दुर्वा अर्पित करने के साथ उनकी शत्रु उपासना का मंत्र 'ओम् गगणपतये नमः' या गणेश सहस्त्रनाम का यथा शक्ति पाठ करें।

कर्क : इसराशि वालों को इस वर्ष बहुत • सावधान रहने की आवश्यकता होगी। 17 जनवरी से शनि की ढैया के प्रभाव में आने से मानसिक क्लेश, वाद-विवाद, शत्रु पक्ष से हानि, सभी कार्यों में अचानक व्यवधान उत्पन्न होगा। अष्टम भाव पर शनि के संचरण से शेयर सट्टा समेत अकस्मात आर्थिक क्षति, स्वजनों, प्रेम संबंधों, मित्रों व परिवारीजनों से मतभेद, वैमनस्यकता देखने को मिल सकती है। वर्ष के मध्याह्न से कुछ विपरीत स्थितियों में कमी देखने को मिलेगी। इसमें धनागमन की संभावना बनेगी। देव गुरु बृहस्पति के दशम भाव में संचरण से पिता के स्वास्थ्य को लेकर कुछ तनाव व मान-सम्मान के प्रति सचेत रहने की आश्यकता होगी। वर्ष के उत्तरार्द्ध में राहु-केतु के राशि परिवर्तन से कुछ कार्यों में लाभान्वित होंगे, लेकिन निर्रथक बनी रहेगी। केतु के प्रभाव से अचानक धन लाभ के योग। शनिवार को पीपल वृक्ष के नीचे दीपदान व हनुमत दर्शन करें।

मकर : इस राशि के जातकों पर शनि का संचरण 17 जनवरी तक अर्थात् शनि की मध्य साढ़े साती के कारण मानसिक क्लेश, अज्ञात भय, विश्वासघात, शत्रुघात, षड्यंत्र आदि से विशेष सावधान रहना चाहिए। 17 जनवरी से शनि का संचरण कुंभ में हो जाने से थोड़ी राहत जरूर मिलेगी लेकिन फिर भी सावधान रहने की आवश्यकता होगी। अनचाही यात्रा, अकारण विवाद, कोर्ट-कचहरी आदि से दूरी श्रेयस्कर होगा। शेयर सट्टा, भूमि, वाहन क्रय- विक्रय से हानि संभव है। अकारण उग्रता पर नियंत्रण रखें। सामाजिक, राजनैतिक, व्यावसायिक यात्राएं करनी पड़ेगी। मान-सम्मान को लेकर सावधान रहें। वर्ष के उत्तरार्द्ध में स्थितियां थोड़ी अनुकूल जरूर होंगी, लेकिन मनोनुकूल न होने से मानसिक व्यथा बनी रहेगी शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए पीपल वृक्ष के नीचे दीपदान, हनुमानजी का दर्शन पूजन करने से शनि की अनिष्टता में कमी होगी।

कुंभ : इस राशि पर शनि की साढ़े साती का प्रभाव 17 जनवरी से बनेगा जो शारीरिक, मानसिक, व्यावसायिक, आर्थिक स्थिति को डावांडोल बनाएगा। स्वास्थ्य खास कर हड्डी-नस, उदर, नेत्र आदि को लेकर सावधान रहने की आवश्यकता होगी। 22 अप्रैल तक आर्थिक स्थिति सुदृढ होती रहेगी। लेकिन बृहस्पति के राशि परिवर्तन के साथ ही 22 अप्रैल के बाद अकस्मात आर्थिक क्षति होगी। संतान पक्ष से कष्ट हो सकता है। आर्थिक लेनदेन में सतर्कता, आकास्मिक घटना-दुर्घटना, धोखा मिल सकता है। नौकरी-पेशा वालों को उच्चाधिकारियों से तालमेल बना कर रखने से लाभ होंगे। वर्षों में आर्थिक क्षेत्र में किए गए प्रयास सफल होंगे। कहीं धार्मिक यात्रा करनी पड़ सकती है। इस राशि वालों को शनिवार को पीपल वृक्ष के नीचे दीपदान व हनुमान जी का दर्शन-पूजन और घोड़े के नाल की अंगूठी पहनने से शनि की अनिष्टता में कमी आएगी।

मीन: इस राशि के जातक शनि की चढ़ती साढ़े साती के कारण 17 जनवरी के बाद घटना-दुर्घटना, लेन-देन मैं सतर्कता, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से सावधान रहें। मानसिक क्लेश संभव है। देवगुरु बृहस्पति का अप्रैल में मेष राशि पर संचरण विकास के दरवाजे खोलेगा। इससे अकस्मात धन लाभ, नौकरी में पदोन्नति, बकाया धन की प्राप्ति, षड्यंत्रकारी व गुप्त दुश्मनों का पराभव, कुछ पुराने वाद-विवाद सुलझेंगे। परिवार में खुशी का माहौल। संतान पक्ष से लाभ का योग, घर-मकान, जमीन- जायदाद के योग। वर्ष के उत्तरार्द्ध में राहु-केतु के राशि परिवर्तन से मन क्षुब्ध होगा। क्रोच, वाद-विवाद उत्पन्न होंगे। दांपत्य जीवन में मन-मुटाव । शनि की अनिष्टता दूर करने को शनिवार को हनुमत दर्शन, पीपल वृक्ष के पास दीपदान करे।

सिंह: इस राशि के जातकों के लिए यह वर्ष उन्नतिदायक रहेगा। अप्रैल से स्वास्थ्य संबंधी चली आ रही समस्याओं से निजात मिलेगी। सामाजिक- राजनैतिक कार्यों में वर्चस्व की अभिवृद्धि के साथ मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा का लाभ होगा। शेयर बाजार में लाभ के योग के साथ आकस्मिक या बकाया धन की प्राप्ति होगी। शत्रुओं की पराजय, कोर्ट-कचहरी में चल रहे मुकदमे में विजय के योग बनेंगे। भू-भवन, वाहन के क्रय का योग बनेगा। जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचें। क्रोध • पर नियंत्रण रखें। वर्ष के उत्तरार्द्ध में विश्वासघात से सावधान रहने की आवश्यकता होगी। वाणी पर संयम रखें। इससे प्रगति के मार्ग प्रशस्त होंगे। इस राशि वालों को इस वर्ष सूर्यदेव की आराधना से विशेष लाभ होगा। सूर्यदेव को प्रसन्न करने के लिए जल में रोली व गुड़ डाल कर अर्घ्य दें। ओम घृण सूर्यायनमःमंत्र का जप करें।

कन्या: इस राशि के जातकों के लिए कुटुंब में चले आ रहे विवादों में समझौता होगा। वाणी पर अंकुश न होने से स्वजनो से वाद-विवाद की स्थिति बनी रहेगी। व्यावसायिक कार्यों में मनोवांछित सफलता न मिलने से मन अशांत रहेगा। भातृ पक्ष से सहयोग मिलेगा।

घर-मकान, भूमि-वाहन आदि क्रय के योग बनेंगे। दूर की यात्रा या व्यवसाय के संबंध में यात्राएं करनी पड़ सकती है। वर्ष के उत्तरार्द्ध में नेत्र के साथ ही उदर विकार से सावधान रहना चाहिए। इस समय आर्थिक जोखिम कोई बड़ी समस्या उत्पन्न कर सकता है। पारिवारिक जीवन व व्यावसायिक पार्टनर से विवाद संभव है। वर्षांत में शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी। इस राशि वालों को गणेश जी को प्रसन्न करने से विशेष लाभ होगा। बुधवार को गणेश जी का दर्शन, गणेश जी को दुर्वा की माला अर्पित करें।

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