एयरो इंडिया 2023 में हवाई ताकत भारत की दिखाई जाएंगी,थीम 'द रनवे टू ए बिलियन अपॉर्च्युनिटीज'

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एयरो इंडिया 2023 में हवाई ताकत भारत की दिखाई जाएंगी,थीम द रनवे टू ए बिलियन अपॉर्च्युनिटीज
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रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत का बड़े शो-केस इवेंट आज से शुरू होने वाला है। एयरो इंडिया के 14वें एडिशन की शुरुआत सोमवार को बेंगलुरु के येलहांका के एयर फोर्स स्टेशन पर हुई। यह एयर शो पांच दिन चलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन किया। उन्होंने कहा, 'पहले यह सिर्फ एयर शो था, लेकिन अब ये ताकत बनकर उभर रहा है। यह भारत की नई ऊंचाई का संकेत है। इससे नई संभावनाएं पैदा होंगी।' कोरोना काल के बाद पहली बार इस शो में दर्शक भी शामिल हो रहे हैं।एशिया के सबसे बड़े एयरो शो में रक्षा हथियारों, उपकरणों और तकनीक के क्षेत्र में भारत के दबदबे का प्रदर्शन होगा। इसमें 98 देश शिरकत कर रहे हैं।

13 फरवरी से 17 फरवरी तक चलने वाला यह शो मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड प्लान के मुताबिक स्वदेशी टेक्नोलॉजी को प्रदर्शित करने और विदेशी कंपनियों के साथ साझेदारी बनाने पर केंद्रित है। इसकी थीम 'द रनवे टू ए बिलियन अपॉर्च्युनिटीज' है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'एयरो इंडिया का यह आयोजन भारत के बढ़ते हुए सामर्थ्य का उदाहरण है। इसने अब तक अपने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।इसमें भारतीय MSME भी हैं, स्वदेशी स्टार्ट अप भी है और दुनिया की जानी मानी कंपनी भी है।'

35,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में हो रहा यह शो लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA)-तेजस, HTT-40, डोर्नियर लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर (LHU), लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर (LCH) और उन्नत लाइट हेलिकॉप्टर (ALH) जैसे स्वदेशी एयर प्लेटफार्मों के एक्सपोर्ट को बढ़ावा देगा। इस शो में 32 देशाें के रक्षा मंत्री शामिल हो रहे हैं। साथ ही रक्षा उपकरण कंपनियाें के 73 सीईओ का गोलमेज मीटिंग हाेगी। इसके अलावा मंथन स्टार्ट-अप शो और बंधन इवेंट होगा।एयरो इंडिया 2023 में 98 से ज्यादा देशों की भागीदारी देखी जाएगी। लगभग 30 देशों के मंत्रियों, ग्लोबल और इंडियन ओईएम के 65 CEO के शामिल होने की संभावना है। यह आयोजन लगभग 100 विदेशी और 700 भारतीय कंपनियों सहित 800 से ज्यादा डिफेंस कंपनियों की भागीदारी का भी गवाह बनेगा। शो के दौरान 75 हजार करोड़ के 251 एमओयू साइन किए जाएंगे।

पीएम मोदी की स्पीच की 4 बड़ी बातें :-

कर्नाटक के युवा डिफेंस में देश की ताकत बढ़ाएं।

भारत कोई मौका नहीं खोएगा।

डिफेंस एक्सपोर्ट 5 बिलियन डॉलर करने का लक्ष्य।

विकास की ओर बढ़ता भारत जड़ों से जुड़ा।

भारत में बने सपोर्टिव माहौल का फायदा उठाएं इन्वेस्टर्स।

प्रियांशु

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